छत्तीसगढ़

103 आवेदन, सिर्फ 5 पात्र… विधानसभा में NHM भर्ती प्रक्रिया पर सवाल

रायपुर, 16 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत बिलासपुर जिले में हुई संविदा भर्ती का मामला जोरदार ढंग से उठा। फीडिंग डिमॉन्स्ट्रेटर के महज तीन पदों की भर्ती में 103 आवेदकों में से 98 को अपात्र घोषित किए जाने के मामले ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिखित जवाब प्रस्तुत किया।

103 में से केवल 5 उम्मीदवार ही पात्र

स्वास्थ्य मंत्री के जवाब के अनुसार, वर्ष 2025-26 में बिलासपुर जिले में एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Centre) के लिए फीडिंग डिमॉन्स्ट्रेटर के तीन पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इस भर्ती के लिए कुल 103 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन जांच के दौरान 98 अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया गया। इसके बाद केवल 5 उम्मीदवार ही पात्र पाए गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 98 में से 94 अभ्यर्थियों को सिर्फ इसलिए बाहर कर दिया गया क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपनी शैक्षणिक योग्यता के अंक दर्ज नहीं किए थे। वहीं चार अन्य अभ्यर्थियों को डुप्लीकेट आवेदन, दस्तावेजों में त्रुटि और निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करने के कारण अयोग्य घोषित किया गया।

ऑनलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

विधायक अटल श्रीवास्तव ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शैक्षणिक अंकों का कॉलम अनिवार्य था, तो ऑनलाइन सिस्टम ने बिना जानकारी भरे आवेदन स्वीकार कैसे कर लिए। उन्होंने पूछा कि ऐसा कौन-सा सॉफ्टवेयर था, जिसने अधूरे आवेदन को भी सफलतापूर्वक सबमिट होने दिया।

उन्होंने सरकार से यह भी जानना चाहा कि यदि तकनीकी खामी थी, तो पोर्टल विकसित करने वाली एजेंसी या सॉफ्टवेयर निर्माता के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

सरकार ने नियमों का दिया हवाला

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब में कहा कि भर्ती विज्ञापन की धारा 1.28 में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि अधूरे आवेदन स्वतः निरस्त माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला चयन समिति ने निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सभी आवेदनों की जांच की और जिन अभ्यर्थियों ने आवश्यक जानकारी नहीं भरी थी, उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है और जिला चयन समिति ने किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं की।

भर्ती प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल

हालांकि मंत्री के जवाब के बावजूद विपक्ष ने सवाल उठाया कि यदि एक साथ 94 उम्मीदवार एक ही कारण से अपात्र हुए हैं, तो यह केवल उम्मीदवारों की गलती नहीं बल्कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली की गंभीर खामी भी हो सकती है। विपक्ष का तर्क था कि यदि कॉलम अनिवार्य था, तो सिस्टम को आवेदन सबमिट ही नहीं होने देना चाहिए था।

146 पदों की भर्ती प्रक्रिया अभी भी अधूरी

सदन में सरकार ने यह भी जानकारी दी कि बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2025-26 में 27 अलग-अलग श्रेणियों के 146 संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी।

  • अब तक केवल 6 श्रेणियों के पदों पर नियुक्तियां पूरी हो सकी हैं।
  • 9 संवर्गों के लिए दावा-आपत्ति सूची जारी की जा चुकी है।
  • शेष पदों के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच और स्क्रूटनी अभी भी जारी है।

भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस तेज

फीडिंग डिमॉन्स्ट्रेटर भर्ती में बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, ऑनलाइन पोर्टल की विश्वसनीयता और जिला चयन समिति की कार्यप्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने इस पूरे मामले की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच कराने की मांग की है, जबकि सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न की गई है।

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