छत्तीसगढ़

आत्मानंद स्कूल से कई शिक्षकों की छुट्टी, DEO ने दिया DMF फंड की कमी का हवाला…

बेमेतरा, 27 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के शिक्षकों पर बड़ी मुसीबत आ गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इन स्कूलों में पढ़ाने वाले कई शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश में इसका कारण बताया गया है — “फंड की कमी।”

कई शिक्षकों और आयाओं की नौकरी गई
डीईओ कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन शिक्षकों और आयाओं को 2022–2023 में नियुक्त किया गया था, उनका भुगतान खनिज न्यास निधि (DMF) के माध्यम से किया जाता था। अब फंड के अभाव में इन शिक्षकों और कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान संभव नहीं है, इसलिए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं। इनमे 7 प्री प्राइमरी शिक्षिका और 4 आया हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कई शिक्षिकाओं को पिछले एक वर्ष से वेतन नहीं मिला था। उन्होंने कई बार आवेदन देकर वेतन भुगतान की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब रविवार को छुट्टी के दिन उन्हें डीईओ कार्यालय बुलाकर सेवा समाप्ति का पत्र सौंप दिया गया।

शिक्षिकाओं ने जताया रोष
सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों और आयाओं ने प्रशासन पर भेदभाव और उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हमसे पूरे साल काम लिया गया, लेकिन महीनों से वेतन नहीं दिया गया। अब जब हमने भुगतान की मांग की, तो हमें नौकरी से निकाल दिया गया। इन शिक्षिकाओं का यह भी कहना है कि फंड की कमी का हवाला देकर शिक्षा व्यवस्था को ठप किया जा रहा है, जबकि स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है।

डीईओ ने दी सफाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यह कर्मचारी नियमित नहीं थे, बल्कि संविदा और स्थानीय फंड से नियुक्त किए गए थे। उन्होंने कहा कि फंड की अनुपलब्धता के कारण फिलहाल सेवाएं समाप्त की गई हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी, क्योंकि वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था की जा रही है। रुका हुआ वेतन भी जल्द भुगतान किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बेमेतरा जिले में पहले से ही शिक्षकों की संख्या कम है। अब आत्मानंद स्कूल के दर्जनों शिक्षकों और सहायकों को हटाए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने इन स्कूलों को आधुनिक शिक्षा का मॉडल बताया था, लेकिन अब वहां शिक्षक ही नहीं बचे। बिना शिक्षकों के क्लास कैसे चलेगी?

भविष्य पर सस्पेंस बरकरार
फिलहाल, बेमेतरा जिले के आत्मानंद स्कूलों में शिक्षक और आया की बहाली पर रोक लगी हुई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि नया फंड स्वीकृत होते ही पदों की पुनः व्यवस्था की जाएगी।

लेकिन सवाल यह है बच्चों की पढ़ाई तब तक कैसे जारी रहेगी, जब स्कूलों से शिक्षक ही हटा दिए गए हैं?

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