छत्तीसगढ़

सरेंडर करने बीजापुर एसपी ऑफिस पहुंचे 51 नक्सली, पुलिस ने किया स्वागत

बीजापुर, 29 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 51 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण करने एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के समक्ष पुलिस ऑफिसर्स मेस में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना के अंतर्गत मुख्यधारा में लौटने वाले इन माओवादियों में नौ महिला और 42 पुरुष हैं, जिन पर कुल 66 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

अधिकारियों ने बताया कि इन 51 माओवादियों में ‘पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए)’ बटालियन नंबर एक और कंपनी नंबर एक, दो और पांच के पांच सदस्य, एक एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), सात प्लाटून और एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, तीन एलओएस सदस्य, एक मिलिशिया प्लाटून कमांडर और 14 मिलिशिया प्लाटून सदस्य शामिल हैं।

आज आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में माड़ संभाग में कंपनी नंबर के सदस्य बुधराम पोटाम उर्फ रंजीत (25), बटालियन नंबर एक की पार्टी सदस्य मनकी कोवासी (24), कंपनी नंबर दो की पार्टी सदस्य हुंगी सोढ़ी (27), कंपनी नंबर दो का पार्टी सदस्य रवीन्द्र पुनेम उर्फ आयतू (25) और पीएलजीए सदस्या देवे करटाम (25) के सर पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम है।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी मंगू ओयाम उर्फ लालू (27) के सर पर पांच लाख रुपये का इनाम है। इसके अलावा सात माओवादियों पर दो-दो लाख रुपये और सात माओवादियों के सर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम है।

अधिकारियों ने बताया कि 2025 में बीजापुर जिले में 461 माओवादी मुख्यधारा में लौट आये हैं जबकि सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 138 माओवादी मारे गये तथा 485 माओवादी गिरफ्तार किये गये। 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 650 माओवादी मुख्यधारा में लौटे हैं जबकि जिले में सुरक्षाबलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में 196 माओवादी मारे गये तथा 986 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

कांकेर में 21 नक्सलियों के लिए बिछा रेड कारपेट
उत्तर बस्तर में सक्रिय रहे 21 माओवादियों ने 18 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, सभी नक्सलियों का आज जंगलवार कालेज में आयोजित कार्यक्रम में रेड कारपेट में स्वागत किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बस्तर आईजी ने संविधान की प्रति सौंपकर मुख्यधारा में उनका स्वागत किया है।

फोर्स ने बदली रणनीति
नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जारी अभियान के बीच इस माह पुलिस ने अपनी रणनीति बदली है। एनकाउंटर की जगह समर्पण को प्राथमिकता देते हुए नक्सलियों को साफ संदेश दिया गया था कि, वो यदि आत्म समर्पण कर मुख्य धारा में लौटने को तैयार है तो उनका स्वागत किया जाएगा। लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे तो उनसे फोर्स निपटने को तैयार बैठी है। जिसका असर भी देखने को मिला और इसी माह 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया, जिसके बाद कांकेर जिले के दो एरिया कमेटी ने आज एक साथ हथियार डाले है, जिसमें 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे है।

दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से की सरेंडर की अपील
बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि एक समय था जब नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य हुआ करते थे। लेकिन 2025 की शुरुआत में इनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी, और 2025 का अंत आते आते महज 6 से 7 सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो मेंबर शेष बचे है जो दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे हुए है। वहीं आईजी ने कहा कि दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से अपील भी कर रहे है और उन्हें चेतावनी भी दे रहे है कि अब भी समय है वो सरेंडर कर दे अन्यथा बस्तर के तैनात डीआरजी समेत तमाम सुरक्षाबल के जवान उनसे निपटने के लिए तैयार बैठे है।

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