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CJI सूर्यकांत ने ली शपथ, 7 देशों के मुख्य न्यायाधीश रहे मौजूद

नई दिल्ली, 24 नवंबर 2025। मुख्य न्यायाधीश (CJI) चुने गए जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को शपथ ले ली। शपथ समारोह से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दूरी बनाई। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के शपथ समारोह से लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) चुने गए जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर गायब थे। किसी को नहीं पता कि वे कहां हैं या उन्होंने एक जरूरी संवैधानिक कार्यक्रम में हिस्सा क्यों नहीं लिया।

सात देशों के मुख्य न्यायाधीश रहे मौजूद
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में जस्टिस सूर्यकांत को भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) के तौर पर पद की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई शामिल हुए। भारत के मुख्य न्यायाधीश के शपथ समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, ब्राजील, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल हुए।

14 महीने का होगा कार्यकाल
जस्टिस सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 तक मुख्य न्यायाधीश रहेंगे। उनका कार्यकाल करीब 14 महीने का होगा। वे पूर्व CJI जस्टिस बीआर गवई की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 23 नवंबर को खत्म हुआ। हरियाणा के हिसार जिले से 50 किमी दूर पेटवार गांव में 10 फरवरी 1962 को जन्मे जस्टिस सूर्यकांत का जीवन प्रेरणा देने वाला है। उनके पिता संस्कृत के शिक्षक और साहित्यकार थे, मां गृहणी। 10वीं तक उन्होंने गांव में ही पढ़ाई की। पहली बार शहर तब देखा जब आगे की पढ़ाई के लिए बाहर गए।

1987 में जींद की सविता शर्मा से उनका विवाह हुआ। पत्नी सविता कॉलेज में अंग्रेजी की प्रोफेसर और प्रिंसिपल रह चुकी हैं। शादी के दौरान सूर्यकांत ने कहा था ‘दहेज़ में एक चम्मच भी नहीं लूंगा’। दोनों बेटियां मुग्धा और कनुप्रिया अभी पढ़ाई कर रही हैं। हर साल जस्टिस सूर्यकांत अपने गांव आते हैं। गांव के दोनों स्कूलों के टॉपर बच्चों को खुद सम्मानित करते हैं। पूर्वजों के नाम का तालाब देखने जरूर जाते हैं। घर में बथुआ की सब्जी, बाजरे की रोटी और कढ़ी बनती है। गांव में गौरव पट्ट पर उनका नाम सबसे ऊपर लिखा है।
कई ऐतिहासिक फैसलों में अहम भूमिका

जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में 1000 से ज्यादा महत्वपूर्ण फैसलों में हिस्सा लिया है।
कुछ बड़े फैसले:
आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को सही ठहराया
पुराने राजद्रोह कानून पर रोक लगाई
बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का आदेश
AMU के अल्पसंख्यक दर्जे पर दोबारा विचार का रास्ता खोला
पेगासस जासूसी मामले में जांच कमेटी बनवाई
डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय को पूरी तरह साफ कराने का आदेश

कानूनी करियर की झलक
1984 में हिसार से वकालत शुरू की
2000 में हरियाणा के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल बने
2004 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज
2018-19 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
मई 2019 से सुप्रीम कोर्ट के जज
आज 24 नवंबर 2025 से भारत के मुख्य न्यायाधीश

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