पश्चिम बंगाल में ईडी के छापे पर सियासी घमासान, ममता का आरोप: चुनावी डाटा उठाया गया

कोलकाता, 8 जनवरी 2026। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में छह स्थानों पर छापेमारी कर रहा है। इनमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आईटी सेल से जुड़ा कार्यालय भी शामिल है। इस कार्रवाई को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईडी आईटी सेल कार्यालय से मतदाताओं से जुड़ा डाटा, चुनावी रणनीति और अहम दस्तावेज अपने साथ ले गई है।
ममता का हमला और ED का बयान
मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। ममता बनर्जी ने कहा, “जब भाजपा हमसे राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकती, तो एजेंसियों का सहारा ले रही है। अगर लड़ना है तो लोकतांत्रिक तरीके से लड़िए।”
इस बीच ईडी ने भी अपनी ओर से बयान जारी किया है। एजेंसी का कहना है कि तलाशी पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और इसका किसी भी राजनीतिक दल या चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले में की जा रही है, जिसमें नकद लेन-देन, हवाला के जरिए पैसे के ट्रांसफर और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच शामिल है।
ईडी ने बताया कि कुल 10 स्थानों पर तलाशी चल रही है, जिनमें छह पश्चिम बंगाल और चार दिल्ली में हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है और पूरी कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है।
ईडी के बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के आवास पर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचीं और वहां से भौतिक दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत अहम सबूत अपने साथ ले गईं। एजेंसी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के पहुंचने तक तलाशी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पेशेवर ढंग से चल रही थी।
उधर, भाजपा ने मुख्यमंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि ममता बनर्जी जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों से ध्यान भटकाने के लिए सियासी बयानबाजी कर रही हैं।
ईडी की कार्रवाई को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर टकराव और तेज होने की संभावना है।



