आंदोलन की राह पर कोटवार, 3 जुलाई को तहसील मुख्यालयों में धरना

रायपुर, 2 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के करीब 16 हजार कोटवार अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेशभर के कोटवार 3 जुलाई को तहसील मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष प्रेमकिशोर बाघ ने कहा कि कई बार शासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद उनकी 6 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के कोटवारों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेश के सभी 16 हजार कोटवार व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
ये हैं कोटवारों की प्रमुख मांगें
कोटवारों की प्रमुख मांगों में राजस्व विभाग में नियमितीकरण एवं संविलयन, न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक वेतन, नियुक्ति में कोटवार परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता सहित छह सूत्रीय मांगें शामिल हैं।
प्रेमकिशोर बाघ ने कहा कि पीढ़ियों से शासन-प्रशासन और आम जनता की सेवा करने के बावजूद कोटवारों को आज तक न तो शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिला और न ही नियमित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी कोटवार वंचित हैं।
राज्य अतिथि शिक्षक भी आंदोलन की तैयारी में
इधर, राज्य अतिथि शिक्षक भी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में संविलयन, समान कार्य के लिए समान वेतन, ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय और सरकारी कर्मचारियों के समान अवकाश की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है।
प्रांतीय अतिथि शिक्षक संघ के अनुसार, 5 जुलाई को शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव, 12 जुलाई को रायपुर में जल सत्याग्रह और 14 जुलाई को अर्धनग्न प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 1650 अतिथि शिक्षक नियमित शिक्षकों की तरह अध्यापन, बोर्ड परीक्षा, छात्रवृत्ति, चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और वेतन नहीं मिल रहा है।



