छत्तीसगढ़

शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला: बोगस मेडिकल बिल से लाखों निकालने की साजिश

शिक्षक और तत्कालीन BEO दोषी करार, 6.74 लाख की रिकवरी और कार्रवाई की सिफारिश

बिलासपुर, 12 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। बिल्हा बीईओ कार्यालय में बोगस मेडिकल बिल के जरिए 30 लाख रुपये निकालने का मामला उजागर हुआ है। इस घोटाले में शिक्षक साधेलाल पटेल और तत्कालीन बीईओ को जांच कमेटी ने दोषी पाया है। दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

जांच कमेटी की रिपोर्ट
जांच कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, बोगस मेडिकल बिल तैयार कर राशि निकालने की कोशिश की गई थी। कमेटी ने साधेलाल पटेल, तत्कालीन बीईओ और कार्यालय के कुछ कर्मचारियों को जिम्मेदार मानते हुए 6 लाख 74 हजार 70 रुपये की रिकवरी की अनुशंसा की है।

स्वास्थ्य विभाग ने साधेलाल पटेल द्वारा लगाए गए बिलों को पहले ही फर्जी और कूटरचित घोषित कर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी उन्हें संरक्षण देते रहे।

अपने और परिजनों के नाम से बनाए फर्जी बिल
साधेलाल पटेल, जो बिल्हा ब्लॉक में संकुल समन्वयक थे, ने अपने और परिजनों के नाम से लाखों रुपये के मेडिकल बिल जमा किए। इनमें से कई बिल स्वास्थ्य विभाग की पुष्टि में नकली पाए गए।

असीम वर्मा का असली बिल (₹1.43 लाख) को बढ़ाकर ₹5.42 लाख का बनाया गया।

राजकुमारी पटेल का असली बिल (₹47 हजार) को फर्जीवाड़ा कर ₹4.03 लाख का दिखाया गया।

नरेंद्र कुमार चौधरी का बिल (₹32 हजार) को बढ़ाकर ₹5.33 लाख का पेश किया गया।

इसी तरह, राजकुमारी पटेल के नाम से ₹7.32 लाख का एक और फर्जी बिल भी प्रस्तुत किया गया।

बीमार बताकर लगाया मेडिकल बिल, उसी वक्त कर रहा था ड्यूटी
जांच में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि साधेलाल पटेल ने 29 अगस्त 2024 को जिला चिकित्सालय से इलाज का बिल पेश किया, लेकिन उस दिन वह ड्यूटी पर मौजूद था। यानी बीमारी और इलाज का दावा ही झूठा था।

कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
कार्यालय सहायक शिल्पा शर्मा ने जांच कमेटी को बताया कि साधेलाल पटेल ने ट्रेजरी में बिल भेजने के लिए दबाव डाला था। यद्यपि बीईओ कार्यालय ने देयक स्वीकृत कर दिए थे, लेकिन भुगतान से पहले ही शिकायत दर्ज हो गई और रकम रुक गई।

आगे की कार्रवाई
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि साधेलाल पटेल और तत्कालीन बीईओ सीधे-सीधे घोटाले में शामिल हैं। इसके साथ ही अन्य दोषी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई और रिकवरी की सिफारिश की गई है। मामला अब उच्च स्तर पर पहुंच गया है और जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना है।

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