राष्ट्रीय

गोवा के अरपोरा नाइटक्लब में लगी भीषण आग, 25 लोगों की मौत

पणजी, 7 दिसंबर 2025। गोवा के अरपोरा गांव में शनिवार देर रात हुए नाइटक्लब अग्निकांड ने राज्य को हिला दिया है। सिलिंडर ब्लास्ट से लगी आग में 25 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार ने बताया कि आग सिलिंडर विस्फोट से फैली। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान घटना को और जटिल बना रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहली मंजिल पर लगी थी आग
कई लोगों ने दावा किया कि आग सबसे पहले पहली मंजिल पर लगी, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक डांस कर रहे थे। हैदराबाद की पर्यटक फातिमा शेख ने बताया कि आग अचानक भड़की और कुछ ही सेकंड में नाइटक्लब लपटों में घिर गया। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने तक हालात काबू से बाहर हो चुके थे।

धुएं में फंसकर कई लोगों की जान गई
लोग जैसे ही नीचे उतरने लगे, वे ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद किचन के धुएं में फंस गए। वहां वेंटिलेशन नहीं था, जिससे दम घुटने की घटनाएं बढ़ीं। यही वजह है कि सीढ़ियों से कई शव मिले।

संकरे गेट और कमजोर निर्माण बने हादसे की वजह
नाइटक्लब के प्रवेश और निकास द्वार बेहद संकरे थे। भीड़ के कारण लोग फंस गए और भाग नहीं सके। क्लब पानी के बीच बना था और जमीन से एक पतले रास्ते के जरिए जुड़ा था, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हुआ। क्लब अस्थायी निर्माण पर चल रहा था और बड़ी मात्रा में ताड़ की पत्तियां इस्तेमाल की गई थीं। इससे आग तेजी से फैली। वीकेंड होने की वजह से करीब 100 लोग डांस फ्लोर पर मौजूद थे।

अब तक 25 शव, कई की पहचान बाकी
अब तक 14 क्लब कर्मचारी, 4 पर्यटक और 7 अज्ञात लोगों के शव बरामद हुए हैं। पहचान की प्रक्रिया जारी है। बचाव दल रातभर मौके पर काम करता रहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, घोषित की आर्थिक सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर संवेदना व्यक्त की और बताया कि वे मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बात कर चुके हैं। पीएमओ के अनुसार मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री सावंत बोले कि अवैध संचालन ने दी त्रासदी को दावत
सीएम प्रमोद सावंत घटनास्थल पहुंचे और इसे गोवा के लिए बड़ी दुर्घटना बताया। उन्होंने कहा कि क्लब प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। सरकार जांच कराएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

सवाल अब भी बाकी
सिलिंडर विस्फोट और पहली मंजिल पर लगी आग के दावों में अंतर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, संकरी निकासी व्यवस्था और अस्थायी निर्माण ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया।

Related Articles

Back to top button