छत्तीसगढ़

‘गाय एक अनुसंधान’ को अंतरराष्ट्रीय पहचान, रिसर्चगेट पर प्रकाशित हुई पुस्तक

रायपुर, 9 मई 2026। खैरागढ़ स्थित मनोहर गौशाला के गौ आधारित अनुसंधान और प्राकृतिक कृषि से जुड़े कार्यों को अब अंतरराष्ट्रीय शोध मंच पर पहचान मिलने लगी है। गौ विज्ञान, प्राकृतिक खेती और भारतीय पारंपरिक ज्ञान पर आधारित पुस्तक “गाय एक अनुसंधान” अब वैश्विक शोध प्लेटफॉर्म ResearchGate पर उपलब्ध हो गई है। इससे गौ आधारित अध्ययन और जैविक कृषि से जुड़े प्रयोग दुनिया भर के शोधकर्ताओं तक पहुंच सकेंगे।

मनोहर गौशाला से जुड़े डॉ. अखिल जैन ने बताया कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और ग्रामीण आत्मनिर्भरता से भी गहराई से जुड़ा विषय है। इसी सोच के साथ गौ आधारित उत्पादों, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार शोध और प्रयोग किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि गौशाला द्वारा “फसल अमृत”, “मनोहर ऑर्गेनिक गोल्ड” और गोबर आधारित विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण देकर रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

“गाय एक अनुसंधान” पुस्तक के रिसर्चगेट जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने को खैरागढ़ और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसे भारतीय ज्ञान परंपरा, गौ विज्ञान और प्राकृतिक खेती को वैश्विक शोध समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

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