छत्तीसगढ़

PMGSY की 12 सड़कें कागजों में पूरी, पर ठेकेदारों का भुगतान अटका…

“PMGSY में 12 सड़कों को ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्ण दिखाने के बावजूद ठेकेदारों का करोड़ों रुपये भुगतान लंबित है। इससे विभागीय दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं…”

बीजापुर, 14 जून 2026। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में एक नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि विभाग ने 12 सड़क निर्माण कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्ण (Completed) दर्ज कर दिया, जबकि संबंधित ठेकेदारों का करोड़ों रुपये का भुगतान अब भी लंबित है। मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली और प्रगति रिपोर्ट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार 27 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच महज पांच दिनों में 12 सड़क निर्माण कार्यों के कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) जारी कर उन्हें PMGSY के पोर्टल में पूर्ण दर्शा दिया गया। आरोप है कि विभागीय उपलब्धियां दिखाने और प्रगति बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई, जबकि कई कार्यों के भुगतान अब तक पूरे नहीं हुए हैं।

मामला ऐसे समय सामने आया है जब PMGSY के प्रभारी कार्यपालन अभियंता (ईई) नवीन तोंडे पहले से ही विवादों में हैं। हाल ही में एक पेटी ठेकेदार ने उन पर आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया था। ठेकेदार हरबीर सिंह बदेशा ने आरोप लगाया था कि उनसे पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी और मांग पूरी नहीं होने पर भुगतान रोका गया तथा दो सड़कों को निरस्त कर दिया गया।

अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि सड़क निर्माण कार्य वास्तव में पूर्ण हो चुके हैं और विभाग ने उन्हें आधिकारिक पोर्टल पर पूर्ण घोषित कर दिया है, तो फिर संबंधित ठेकेदारों का भुगतान क्यों लंबित है। कई मामलों में स्वीकृत राशि की तुलना में बेहद कम भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ परियोजनाओं में तो लाखों-करोड़ों की स्वीकृति के मुकाबले नाममात्र की राशि जारी हुई है।

दस्तावेजों के अनुसार टी-04 से यमपुर सड़क के लिए 53.51 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जबकि भुगतान मात्र 25 हजार रुपये बताया गया है। इसी तरह कोंडापल्ली से भट्टीगुड़ा सड़क के लिए 63.90 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद केवल 44 हजार रुपये का भुगतान दर्ज है। ऐसे कई मामलों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह बढ़ा दिया है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित सड़कों की भौतिक जांच कर ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज जानकारी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाना चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सिर्फ भुगतान में देरी का नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में गलत प्रगति दर्ज करने का भी हो सकता है।

इस संबंध में प्रभारी ईई नवीन तोंडे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। मामले को लेकर अब विभागीय स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।

12 सड़कों की जानकारी निम्नानुसार है
1. L082- टी02 ईटेपाल से बंदेपारा, 3.50 किमी, सीसी दिनाँक 30.03.2026 स्वीकृति 102.91 में भुगतान 50.08 लाख
2. L050- सावनार से मल्लापारा, 2.00 किमी, सीसी दिनाँक 30.03.2026 स्वीकृति 70.10 में भुगतान 15.43 लाख
3. L043- पुसनार से पेदापारा, 2.00 किमी, सीसी दिनाँक 27.03.2026 स्वीकृति 73.50 में भुगतान 29.36 लाख
4. L042- पुसनार से गागरापारा, 2.00 किमी, सीसी दिनाँक 30.03.2026 स्वीकृति 73.75 में भुगतान 39.53 लाख
5. L053- काकेकोरमा से मुनगा,2.85 किमी, सीसी दिनाँक 29.03.2026 स्वीकृति 113.83 में भुगतान 30.44 लाख
6. L037- पुसनार से गायतापारा, 2.00 किमी, सीसी दिनाँक 28.03.2026 स्वीकृति 72.80 में भुगतान 16.04 लाख
7. L072- टी04 से यमपुर, 1.70 किमी, सीसी दिनाँक 31.03.2026 स्वीकृति 53.51 में भुगतान 0.25 लाख
8. L091- मेटापाल से पटेलपारा, 3.00 किमी, सीसी दिनाँक 31.03.2026 स्वीकृति 98.50 में भुगतान 47.66 लाख
9. L062- पुसबाका से बांडागुड़ा 1.60 किमी, सीसी दिनाँक 31.03.2026 स्वीकृति 51.97 में भुगतान 27.11 लाख
10. L026- सारकेगुड़ा से पेगड़ापल्ली, 6.00 किमी, सीसी दिनाँक 30.03.2026 स्वीकृति 211.08 में भुगतान 122.64 लाख
11. L027- कोंडापल्ली से भट्टीगुड़ा, 3.00 किमी, सीसी दिनाँक 31.03.2026 स्वीकृति 63.90 में भुगतान 0.44 लाख
12. L032- पामेड़ से रासपल्ली, 10.00 किमी, सीसी दिनाँक 31.03.2026 स्वीकृति 235.10 में भुगतान 159.12 लाख।।

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