छत्तीसगढ़

भारतमाला घोटाला: आरोपी ठेकेदार दीपेश गांधी के घर ED की दबिश

धमतरी, 16 जून 2026। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी ठेकेदार दीपेश गांधी के धमतरी स्थित निवास पर छापा मारा। आमापारा इलाके में स्थित उनके घर पर सुबह से ही ईडी की टीम जांच में जुटी रही, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर बाहर सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गई।

जानकारी के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में हुई कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी ईडी की टीम धमतरी, कुरूद और अभनपुर सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से अधिग्रहित भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर अधिक मुआवजा हासिल करने की योजना बनाई।

ईडी के मुताबिक, मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके जय प्रकाश गांधी और उनके परिजनों पर अधिसूचित हाईवे अलाइनमेंट के दायरे में आने वाली जमीन को विभाजित कर अधिक मुआवजा लेने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि जहां वास्तविक रूप से लगभग 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था, वहीं कथित तौर पर करीब 9.83 करोड़ रुपये हासिल किए गए। इस तरह लगभग 9.27 करोड़ रुपये की अवैध कमाई किए जाने की बात जांच एजेंसी ने कही है।

ईडी का दावा है कि इस रकम को बाद में शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर वैध दिखाने की कोशिश की गई। मामले की जांच के दौरान पूर्व में कई स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए थे।

फिलहाल दीपेश गांधी के ठिकाने पर चल रही कार्रवाई को भारतमाला मुआवजा घोटाले की जांच में अहम माना जा रहा है। ईडी की टीम मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।

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