बस्तर के युवाओं से मिले विजय शर्मा, नक्सल मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा

रायपुर, 14 जुलाई 2026। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में बस्तर क्षेत्र से आए जनप्रतिनिधियों, नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध लोगों के परिजनों, नक्सल पीड़ितों और युवाओं से मुलाकात कर लंबित नक्सल मामलों के निराकरण और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नक्सल मामलों में जेल में बंद लोगों के प्रकरणों की संवेदनशीलता के साथ समीक्षा कर रही है और पात्र मामलों में शीघ्र विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विजय शर्मा ने बताया कि 10 जुलाई को मंत्रालय में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर संभाग के सभी 12 जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की उच्चस्तरीय बैठक में लंबित नक्सल प्रकरणों के निराकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। मामलों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है—पहली, जिनमें जनहानि हुई है और दूसरी, जिनमें जनहानि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उनकी संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक हर सप्ताह अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ समीक्षा करेंगे, ताकि पात्र लोगों को जल्द राहत मिल सके। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। वहीं, जनहानि वाले मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया को तेज करने, चालान प्रस्तुत करने और गवाही की कार्रवाई शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि यदि किसी आरोपी के परिजन अपने मामले की समीक्षा कराना चाहते हैं तो वे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे सकते हैं। ऐसे सभी आवेदनों का अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम द्वारा विधिसम्मत परीक्षण किया जाएगा।
विजय शर्मा ने कहा कि माओवादी हिंसा ने वर्षों तक बस्तर सहित कई क्षेत्रों को प्रभावित किया, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में अत्यंत नक्सल प्रभावित रहे किसकोड़ो गांव के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने पहली बार वास्तविक आजादी का अनुभव होने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि कबीरधाम क्षेत्र में भी नक्सली गतिविधियों का असर रहा है, जिसे उन्होंने स्वयं करीब से देखा है।
बैठक के दौरान बस्तर के युवाओं ने अपनी समस्याएं भी उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिनके समाधान का उन्होंने आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजनीति से ऊपर उठकर बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
इस अवसर पर विजय शर्मा ने युवाओं से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बस्तर के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए एनपीओपी प्रमाणन की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।
बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, कवासी लखमा, विक्रम मंडावी सहित बस्तर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और युवा उपस्थित रहे।



