7 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी में शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन
सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

रायपुर, 16 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले बुधवार को प्रदेशभर से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने राजधानी रायपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर विशाल ध्यानाकर्षण रैली और प्रदर्शन किया। फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर के नेतृत्व में हुए आंदोलन में शिक्षकों ने सरकार से 7 सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अभनपुर को ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
शासन की उदासीनता पर जताई नाराजगी
प्रांतीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर ने कहा कि यह आंदोलन मजबूरी का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार शिक्षकों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन इससे भी बड़ा आंदोलन करेगा।
ये हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें
- सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नति का लाभ दिया जाए।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की जाए।
- विभागीय टीईटी परीक्षा जल्द आयोजित की जाए।
- पहली नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी लाभ दिए जाएं।
- एकल शिक्षकीय स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति हो।
- VSK ऐप की तकनीकी समस्याएं दूर होने तक वेतन न रोका जाए।
- युक्तिकरण के बाद प्राथमिक स्कूलों के प्रधान पाठकों को वित्तीय प्रभार दिया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने लिखित आदेश जारी कर मांगों का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में और व्यापक एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
आंदोलन को सर्व शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ, हेडमास्टर वेलफेयर संघ, जागरूक शिक्षक संघ, संकुल समन्वयक संघ, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और व्याख्याता शिक्षक संघ सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया। हजारों शिक्षकों की मौजूदगी ने प्रदर्शन को प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षक आंदोलनों में से एक बना दिया।



