छत्तीसगढ़

समयोपदेश वर्षायोग 2026: हथकरघा से आत्मनिर्भर बनीं महिलाओं ने दिया स्वदेशी का संदेश

रायपुर, 7 अगस्त 2026। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड, रायपुर में आयोजित समयोपदेश वर्षायोग-2026 के दौरान धमतरी जिले के कुरूद तहसील अंतर्गत नारी-कोकड़ी क्षेत्र से लगभग 70 महिलाओं ने सहभागिता की। मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी भाषा में मंगलाचरण प्रस्तुत किया, नाट्य प्रस्तुति दी और अपनी हस्तनिर्मित कलाकृतियां भेंट कर स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

नारी-कोकड़ी क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर और भूमिहीन परिवारों वाला ग्रामीण इलाका है, जहां रोजगार और शिक्षा के अवसर सीमित रहे हैं। करीब पांच वर्ष पहले राष्ट्रसंत आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद, मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य तथा सकल जैन समाज रायपुर के तत्कालीन अध्यक्ष विनोद बड़जात्या के प्रयासों से यहां “हाथ करघा चल चरखा हस्तशिल्प महिला रोजगार एवं प्रशिक्षण केंद्र” की स्थापना की गई थी।

केंद्र में ब्रह्मचारिणी प्रियंका दीदी, मिनी दीदी और रुचि दीदी महिलाओं को हथकरघा एवं चल चरखा का प्रशिक्षण दे रही हैं। यहां प्रशिक्षण लेने के लिए शाकाहार अपनाना अनिवार्य रखा गया है। वर्षायोग समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जैन गुरुकृपा और कार्यकारी अध्यक्ष संजय नायक जैन ने बताया कि वर्तमान में नारी-कोकड़ी एवं आसपास के गांवों की 60 से 70 महिलाएं इस केंद्र से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। महज एक महीने का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें काम मिल जाता है।

केंद्र में चंदेरी बूटी साड़ियां, डूबी, हस्तशिल्प, मधुबनी एवं हैंडमेड पेंटिंग वाली साड़ियां सहित विभिन्न वस्त्र तैयार किए जाते हैं। यहां निर्मित उत्पाद जबलपुर स्थित मुख्यालय भेजे जाते हैं, जहां से उनकी देशभर में बिक्री होती है। इस कार्य से जुड़ी महिलाएं आज प्रतिमाह 10 हजार से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने देश में स्वदेशी, स्वावलंबन और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “श्रमदान हथकरघा (चल चरखा) आंदोलन” की शुरुआत की थी। वर्ष 2015 में उनके मार्गदर्शन में शुरू हुई यह पहल आज भी हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए रोजगार का माध्यम बनी हुई है। वर्तमान में आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के आशीर्वाद से देश के विभिन्न हिस्सों में चल चरखा और हथकरघा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

समयोपदेश वर्षायोग-2026 के अवसर पर रायपुर पहुंची महिलाओं ने मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज के दर्शन किए, भक्तिमय पूजन कर अर्घ्य समर्पित किए और एक प्रेरक नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से स्वदेशी आंदोलन का संदेश दिया। उन्होंने अपनी हस्तकला से तैयार विशेष उपहार भी मुनि ससंघ को भेंट किए।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में नारी-कोकड़ी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए भव्य दिगंबर जैन मंदिर तथा बच्चों और युवाओं की शिक्षा के लिए ‘प्रतिभा स्थली’ के निर्माण की भी योजना बनाई गई है।

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