छत्तीसगढ़

राजस्व विभाग का फरमान: फसलों की गिरदावरी में गड़बड़ी मिली तो नपेंगे अफसर

रायपुर, 6 अगस्त 2026। समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीदी से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल और मैन्युअल गिरदावरी प्रक्रिया को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को त्रुटिरहित गिरदावरी करने के आदेश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि फसल रिकॉर्ड में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या हेरफेर पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

7-स्तरीय सत्यापन व्यवस्था लागू

गिरदावरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सात स्तरों पर भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की है।

नई व्यवस्था के तहत:

  • पटवारी अपने हल्के के 100 प्रतिशत रकबे का सत्यापन करेंगे।
  • राजस्व निरीक्षक और कृषि विस्तार अधिकारी 25-25 प्रतिशत क्षेत्र की जांच करेंगे।
  • तहसीलदार और नायब तहसीलदार 10 प्रतिशत क्षेत्र का सत्यापन करेंगे।
  • अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) 5 प्रतिशत क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे।
  • जिला स्तरीय अधिकारी 1 प्रतिशत और राज्य एवं संभाग स्तर के अधिकारी 0.1 प्रतिशत रकबे का औचक निरीक्षण करेंगे।

30 सितंबर तक पूरा होगा रिकॉर्ड अपडेट

राज्य सरकार ने गिरदावरी प्रक्रिया के लिए तय समय-सीमा भी जारी की है।

  • 20 सितंबर 2026 तक गिरदावरी, भुईयां सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि और त्रुटि सुधार पूरा किया जाएगा।
  • 25 सितंबर को ग्रामवार फसल क्षेत्राच्छादन का प्रारंभिक प्रकाशन होगा।
  • दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद 30 सितंबर 2026 तक अंतिम संशोधन कर रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाएगा।

फसल बदली तो फोटो अपलोड करना होगा अनिवार्य

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी किसान ने धान की जगह दूसरी फसल बोई है या खेत खाली छोड़ा है, तो पटवारी और राजस्व निरीक्षक को संबंधित खसरे का फोटो मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करना होगा।

यदि राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक फसल में अंतर पाया गया, तो संबंधित मैदानी अमले के साथ पर्यवेक्षण अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

गांव-गांव होगी मुनादी, किसानों की मौजूदगी में होगी जांच

गिरदावरी की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाएगी। जांच के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने का अवसर मिलेगा। किसान स्वयं भी मौके पर मौजूद रहकर अपनी फसल का सत्यापन करा सकेंगे और फोटो खिंचवा सकेंगे।

हर 15 दिन में होगी समीक्षा

गिरदावरी कार्य की निगरानी के लिए संभागीय आयुक्त और भू-अभिलेख संचालक प्रत्येक 15 दिन में प्रगति की समीक्षा करेंगे। शासन का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए फसल रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और विवादमुक्त बनाना है।

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