पति को आतंकी हमले में खोया, अब बेटे के भविष्य के लिए सरकार से गुहार…
कुलगाम हमले के पीड़ित भूपेंद्र के परिवार की सरकार से बड़ी मांग

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 7 अगस्त 2026। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूर भूपेंद्र भैना के परिवार ने राज्य सरकार से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की मांग की है। भूपेंद्र की पत्नी कचरा बाई भैना ने अपने तीन वर्षीय बेटे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकारी सहायता और स्वयं के लिए सरकारी नौकरी देने की अपील की है।
भूपेंद्र भैना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव के निवासी थे। हाल ही में कुलगाम में आतंकियों ने पहचान पूछने के बाद टारगेट किलिंग के तहत उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले में शक्ति जिले के बुदेला निवासी मजदूर दीपक रात्रे की भी मौत हुई थी।
पत्नी ने सुनाई हमले की दर्दनाक कहानी
मृतक भूपेंद्र भैना की पत्नी कचरा बाई ने बताया कि घटना के दिन एक आतंकी हथियार लेकर उनके ठिकाने पर पहुंचा। उसने पहले वहां रह रहे मजदूरों की संख्या पूछी और फिर भूपेंद्र भैना तथा दीपक रात्रे को बाहर बुलाया। दोनों से नाम, पता और किस राज्य के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी लेने के बाद आतंकी ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
हमले में दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र भैना को ईंट-भट्ठा मालिक और अन्य मजदूरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सरकार से मदद की अपील
पति की मौत के बाद कचरा बाई ने कहा कि अब उनके सामने परिवार और छोटे बेटे का भविष्य सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने राज्य सरकार से अपने बच्चे की पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी उठाने के साथ ही स्वयं को सरकारी नौकरी देने की मांग की है, ताकि परिवार का जीवन सम्मानपूर्वक चल सके।
परिवार को उम्मीद है कि राज्य सरकार पीड़ित परिजनों की मदद के लिए संवेदनशीलता दिखाते हुए उचित सहायता उपलब्ध कराएगी।



