छत्तीसगढ़

सुजलाम–सुफलाम: अटल बिहारी वाजपेयी विवि में पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता व्याख्यान

बिलासपुर, 28 जनवरी 2026। बिलासपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में ‘प्रकृति की रक्षा – भविष्य की सुरक्षा’ विषय पर ‘सुजलाम-सुफलाम’ अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्रकृति के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।

विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की आदतें यदि प्रारंभिक अवस्था से विकसित की जाएं, तो वे भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी बनती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय पर्यावरण प्रमुख राजेश जैन ने “सुजलाम–सुफलाम” अभियान की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए जल को जीवन का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य भोजन के बिना कुछ दिन रह सकता है, जल के बिना सीमित समय तक, लेकिन वायु के बिना एक क्षण भी नहीं—इसलिए जल संरक्षण और वृक्षों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े छोटे-छोटे प्रयासों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक गणेश और प्रांत संयोजक (बिलासपुर) अक्षय अलकारी की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक दायित्वों में छात्रों की सक्रिय सहभागिता समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन और अतिथि परिचय डॉ. अतुल दुबे ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि मंच संचालन (एंकरिंग) डॉ. महेंद्र मेहता द्वारा किया गया। अंत में डॉ. तारनीश गौतम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में डॉ. गौरव साहू, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. सुमोना भट्टाचार्य, डॉ. पूजा पांडे, डॉ. हमीद अब्दुल्ला, डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. एच.एस. होता, नेहा रतिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी पर्यावरण, नैतिक और सामाजिक विकास से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।

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