छत्तीसगढ़

सांभर के शिकारियों को पकड़ने में ग्रामीण करेंगे वन विभाग की मदद

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 13 मार्च 2026। सारंगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत हाल ही में सामने आए सांभर शिकार के मामले ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। वहीं झिलगीटार गांव के ग्रामीणों ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि बेजुबान जानवरों का शिकार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले सारंगढ़ के 943 पीएफ जंगल क्षेत्र में एक सांभर के शिकार की घटना सामने आई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही झिलगीटार गांव के ग्रामीणों ने इसकी कड़ी निंदा की और वन विभाग की कार्रवाई में सहयोग करने का निर्णय लिया। इसके लिए गांव में ग्रामीणों और वन विभाग की संयुक्त बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें शिकार में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें विभाग के सामने प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों ने कहा कि जंगल उनकी धरोहर है और इसमें रहने वाले वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए शिकार जैसी अवैध गतिविधियों को गांव या आसपास के क्षेत्र में किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हालांकि आरोपियों के परिजनों का कहना है कि सांभर का शिकार नहीं किया गया था। उनके अनुसार ग्रामीण महुआ बीनने जंगल गए थे, जहां कुत्तों के हमले से सांभर की मौत हो गई। इसके बाद कुछ लोगों ने लालच में आकर उसका थोड़ा मांस ले लिया था और बाकी वहीं छोड़ दिया था।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। ग्रामीणों ने यह भी निर्णय लिया है कि आरोपियों को उनके परिजनों के माध्यम से बुलाकर वन विभाग को सौंपा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

ग्रामीणों और वन विभाग के बीच इस समन्वय को जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय पहल माना जा रहा है।

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