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आज्ञा का पालन ही धर्म है : मनीष सागर

रायपुर, 04 सितंबर 2025। टैगोर नगर पटवा भवन में जारी चातुर्मासिक प्रचवनमाला में गुरुवार को उपाध्याय प्रवर युवा मनीषी मनीष सागरजी महाराज ने आज्ञा का पालन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज्ञा का पालन ही धर्म है। सदैव परमात्मा और बड़ों की आज्ञा का पालन करना चाहिए। बड़ों से आज्ञा लेकर काम करना चाहिए। बड़ों की आज्ञा का पालन करते हुए काम होगा तो आपका विकास अपने आप होता जाएगा।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि जब-जब हम अपनी सीमा को पार करेंगे जीवन बिगड़ेगा। इसलिए सदैव समझदार लोगों का अनुशरण करना चाहिए। परिपक्वता तभी आएगी जब बड़ों की आज्ञा का पालन होगा। जीवन में उलझनों में नहीं फसोगे। सदैव अपने से बड़ों का मार्गदर्शन प्राप्त करो। कभी गलत मार्ग में भी जाते रहोगे तो बड़े अपने अनुभवों से आपको सही मार्ग दिखाएंगे।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि श्रद्धा और समर्पण बड़ों के प्रति सदैव रहना चाहिए। अच्छाइयों को ग्रहण कर अपने जीवन में अपनाएंगे तो जीवन संवर जाएगा। अधिक अनुभवी व सही मार्गदर्शक परमात्मा, सद्गुरु, सदधर्म, कल्याण मित्र, माता-पिता व बड़े बुजुर्ग हैं।।कोई भी कार्य करो आज्ञा लेकर करने की आदत डाल लो। आज्ञा लेने में कोई शर्म नहीं करनी चाहिए। बड़ों की आज्ञा से चलोगे जीवन अच्छा चलेगा।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि जीवन में यह सिस्टम ही बना लो की आज्ञा सदैव मांगूंगा। बड़ों की आज्ञा का पालन करने से कुछ नहीं बिगड़ेगा। हमारे निर्णय से यदि बिगड़ने वाला कार्य भी होगा तो बड़ों के अनुभव से जरूर सुधर जाएगा। लाभ जहां है वहां लोग आ जाता है। जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव आते हैं। जिंदगी एक यात्रा है। जिंदगी में अनुकूल व प्रतिकूल लहरें आती रहती है। अस्थिर होकर अकेले चलोगे  तो लड़खड़ा जाओगे। बड़ों के अनुभव से चलोगे तो संभल जाओगे।

29 उपवास की तपस्वी का धर्मसभा में सम्मान 
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्यामसुंदर बैदमुथा ने बताया कि आज धर्मसभा में 29 उपवास की तपस्वी भक्ति गोलछा पुत्री गुमान गोलछा महासमुंद का सम्मान किया गया। तपस्वी भक्ति गोलछा 11वीं की छात्रा है। आज धर्मसभा में गुरु भगवंतो का आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मसभा में सभी ने तपस्या की खूब-खूब में अनुमोदना की।

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