छत्तीसगढ़

अग्रवाल समाज का परिचय सम्मेलन 4-5 अप्रैल को, देश-विदेश से जुटेंगे प्रतिभागी

रायपुर, 1 अप्रैल 2026। अग्रवाल सभा रायपुर द्वारा दो दिवसीय विशाल परिचय सम्मेलन का आयोजन 4 और 5 अप्रैल को छेरीखेड़ी स्थित अग्रसेन धाम में किया जाएगा। करीब 15 वर्षों बाद आयोजित हो रहे इस बड़े सामाजिक आयोजन को लेकर समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

17 राज्यों से आएंगे प्रतिभागी, विदेश से भी सहभागिता
आयोजन समिति के अनुसार अब तक देश के 17 राज्यों से 500 से अधिक लोगों ने पंजीयन कराया है। खास बात यह है कि इस सम्मेलन में 5 विदेशी युवतियों की भी भागीदारी रहेगी, जिससे कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी मिलेगा। अब ऑनलाइन पंजीयन बंद कर दिया गया है और इच्छुक प्रतिभागी स्थल पर ही रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।

तीन प्रमुख आयोजन होंगे केंद्र में
सम्मेलन के दौरान तीन मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमे परिचय सम्मेलन, ‘अग्र मंथन’ (वैचारिक विमर्श) और ‘अग्र धरोहर’ का विमोचन शामिल है। कार्यक्रम का शुभारंभ 4 अप्रैल को सुबह 11 बजे होगा।

कई प्रमुख अतिथि होंगे शामिल
उद्घाटन अवसर पर प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सम्पत अग्रवाल, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।

प्रतिभागियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों के लिए दो दिनों तक नि:शुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें स्वागत, पंजीयन, भोजन, आवास, पंडाल, समन्वय और प्रचार-प्रसार समितियां शामिल हैं।

समाज के कमजोर वर्ग के लिए भी पहल
सभा के अध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विवाह योग्य युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत कन्या विवाह के लिए 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, साथ ही अग्रसेन धाम में 80 कमरों का भवन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

हेल्प डेस्क की सुविधा
कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी, जहां उन्हें पंजीयन, आवास और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

यह आयोजन न केवल वैवाहिक परिचय का मंच बनेगा, बल्कि सामाजिक एकजुटता, संवाद और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी अवसर प्रदान करेगा।

Related Articles

Back to top button