छत्तीसगढ़

PMGSY: गांव से गांव जोड़ने के बजाय गांव पंहुचने से पहले ही सड़के गायब!

कागजों में 13 किमी सड़क, जमीनी हकीकत में 5 किमी

बीजापुर, 12 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांवों को जोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई इस योजना में कागजों पर विकास दिखाया गया, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

पिटेतुंगोली मार्ग पर 13 किलोमीटर सड़क और 8 पुलियों का निर्माण दर्शाकर भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन मौके पर केवल लगभग 5 किलोमीटर सड़क ही बनी है। पुलियों की स्थिति और भी चौंकाने वाली है—जहां 8 पुलिया दर्ज हैं, वहां सिर्फ 2 पुलियों के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं।

विभगिया सूचना पटल (बोर्ड) ने खोली पोल
मौके पर लगे विभागीय सूचना पटल (बोर्ड) में साफ-साफ दर्ज है—गीदम बीजापुर मार्ग से पीटे तुंगाली,पैकेज क्रमांक-CG-17-303
सड़क की लंबाई: 13 KM
पुलिया की संख्या-08
कार्य प्रारंभ तिथि-02/07/2019
कार्य पूर्णता तिथि-15/05/2020
ठेकेदार-दंगल बिल्डर्स (रायपुर)

लेकिन जब मीडिया की टीम गांव पंहुची तब वस्तु स्तिथि देख कर दंग रह गए। सड़क का निर्माण करीब 5 किलोमीटर तक हुआ है।वंही कई हिस्सों में सड़क अधूरी या गायब हो चुकी है।वंही विभगिया सूचना पटल पर 08 पुलिया दर्ज है।लेकिन मौके पर सिर्फ 2 पुलिया के लिए सिर्फ गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है।

भुगतान कैसे हुआ, उठे बड़े सवाल
इस पूरे निर्माण कार्य को द हंगल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अंजाम दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है अधूरा काम होने के बावजूद भुगतान कैसे हुआ?क्या कंस्ट्रक्शन कंपनी और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी माप दर्ज की गई?आधा काम,करोड़ो का भुगतान — किसके इशारे पर खेल? पूरी राशि किस अधिकारी ने पास की? माप पुस्तिका (MB) में फर्जी एंट्री किसने की? जांच से अब तक बचाव क्यों?

 ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों ने कहा एनएच से पिटे तुंगाली तक कुल 13 किलो मीटर लंबी सडक का निर्माण होना था।सड़क के साथ 08 पुलिया के भी निर्माण होना था।लेकिन सड़क को पूर्ण हुए आज 06 साल होने को है लेकिन आज तक सिर्फ 05 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है।वंही पुलिया की बात करे तो इस सड़क पर 08 पुलिया का निर्माण होना था।लेकिन ठेकेदार ने इस सड़क पर एक भी पुलिया के निर्माण नही हुआ है।सिर्फ दो पुलिया के लिए गड्ढा खोद कर छोड़ दिया है।बारिश के दिनों के अलावा एम्बुलेंस और राशन लाने में बहुत परेशानी होती है।।ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि आधी अधूरी सडक एवं पुलिया के जल्द जल्द से निर्माण करे ताकि आने वाले दिनों में बारिश का मौसम आने वाला है और परेशानी से बचा जा सके।।

संतोष लेकाम सरपंच पिटे तुंगाली ने कहा 13 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह झूठ है। यहां मुश्किल से 05 किलोमीटर सड़क का काम हुआ है। पुलिया तो कहीं दिखती ही नही। सिर्फ 02 पुलिया के लिए गड्ढे खोद कर छोड़ दिया। PMGSY विभाग एवं ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन पर मिट्टी डाल दी गई, लेकिन उसे समतल तक नहीं किया गया। इससे फसलें बर्बाद हो गईं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ठेकेदार ने नक्सल क्षेत्र का बहाना बनाकर मानकों की अनदेखी की है। जबकि आज की स्थिति में निर्माण की समय-सीमा पूरी हो चुकी है,लेकिन सड़क आज भी अधूरी है। न गुणवत्ता है, न मानक, न पारदर्शिता।

विकास की जगह भ्रष्टाचार का उदाहरण
PMGSY जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जिसका उद्देश्य गांवों को जोड़ना था, अब बीजापुर में कागजों तक सीमित होकर भ्रष्टाचार का उदाहरण बनती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द जांच कर अधूरे निर्माण को पूरा कराने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button