छत्तीसगढ़

जनता से बदसलूकी पड़ी भारी: जनपद पंचायत CEO निलंबित

“जन समस्या निवारण शिविर में लोगों से कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद दुर्ग जनपद पंचायत के CEO रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया…”

दुर्ग, 1 जून 2026। दुर्ग जिले में जन समस्या निवारण शिविर के दौरान आम लोगों से कथित अभद्र व्यवहार करना जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संभाग आयुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी जगह प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग महेन्द्र कुमार जांगड़े को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर के दौरान CEO रूपेश कुमार पाण्डेय का लोगों से बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उनके व्यवहार को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और शिकायतें प्रशासन तक पहुंचीं। मामला तूल पकड़ने के बाद दुर्ग कलेक्टर ने इसकी रिपोर्ट संभाग आयुक्त कार्यालय को भेजी।

वीडियो क्लिप के परीक्षण और प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि अधिकारी ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान आम नागरिकों के प्रति अपेक्षित शिष्टाचार का पालन नहीं किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर 30 मई को रूपेश कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया।

संभाग आयुक्त कार्यालय ने अपने आदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक के लिए सत्यनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है। संबंधित अधिकारी का आचरण इन मानकों के विपरीत पाया गया, जिसके चलते उनके खिलाफ कदाचार और शासकीय दायित्वों में लापरवाही का मामला बनता है।

इसी आधार पर रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है और विभागीय जांच की आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी अधिकारियों के आचरण और जवाबदेही को लेकर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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