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फोन कार में रखते हैं महेश बाबू, सेट पर सिर्फ फोकस : एस.एस. राजामौली

हैदराबाद, 1 जुलाई 2026। फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली ने हाल ही में एक इंटरव्यू में महेश बाबू के साथ अपनी अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ पर काम करने का अनुभव साझा किया और बताया कि आखिर क्या चीज उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई। जहां एक तरफ वह सालों से महेश के अभिनय के फैन रहे हैं, वहीं इस बार उन्हें जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली लगी, वो थी महेश बाबू का जबरदस्त अनुशासन, प्रोफेशनल रवैया और सेट पर उनका अटूट फोकस।

राजामौली ने कहा, “एक अभिनेता के तौर पर मुझे ज्यादा हैरानी नहीं हुई, क्योंकि मैं उनके काम को लंबे समय से देख रहा हूं। मुझे पता है वो क्या कर सकते हैं। लेकिन जिसने मुझे सच में सरप्राइज किया, वो है उनका काम करने का तरीका।”

उन्होंने महेश बाबू की एक खास आदत का जिक्र किया जो उन्हें बेहद अलग लगी। उनके मुताबिक, महेश शूट के दौरान अपना फोन पूरी तरह दूर रखते हैं, जिससे उनका पूरा ध्यान सिर्फ काम पर रहता है।

“वो ऑफिस में बिना फोन के आते हैं। फोन कार में ही छोड़ देते हैं और सीधे अंदर आते हैं। शूट के दौरान मैंने उन्हें कभी सेट पर फोन के साथ नहीं देखा। जब वो वापस कार में जाते हैं, तभी फोन उठाते हैं।”

राजामौली ने आगे बताया कि महेश का यह अनुशासन सिर्फ फोन से दूर रहने तक सीमित नहीं है। ब्रेक के समय भी वो फोन में उलझने के बजाय चुपचाप आसपास हो रही हर चीज को ऑब्जर्व करना पसंद करते हैं।

“कभी कभी दो तीन घंटे तक वो बस अपनी जगह बैठकर लोगों को काम करते हुए देखते रहते हैं। ना फोन, ना कोई डिस्टर्बेंस, सिर्फ ऑब्जर्वेशन।”

राजामौली ने यह भी माना कि महेश बाबू की इस आदत ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर भी प्रेरित किया है। अब वो भी परिवार के साथ समय बिताते वक्त फोन से दूर रहने की कोशिश करते हैं। जहां महेश बाबू को हमेशा से उनकी ऑन स्क्रीन परफॉर्मेंस के लिए सराहा गया है, वहीं राजामौली की ये बात उनके ऑफ स्क्रीन अनुशासन और फोकस की एक नई झलक देती है, जो उन्हें इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित सितारों में शामिल करती है। दर्शक अब उन्हें राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ में देखेंगे, जिसमें प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को दुनियाभर में रिलीज होने वाली है।

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