‘एमएस धोनी’ के बाद भी 2 साल नहीं मिला काम, क्रांति प्रकाश ने सुनाई संघर्ष की कहानी
कहा: सफलता से पहले रिजेक्शन ने बहुत कुछ सिखाया

मुंबई। वेब सीरीज ‘रक्तांचल’ से लोकप्रिय अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने अपने अभिनय करियर के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए रिजेक्शन से घबराना नहीं, बल्कि उससे सीखना चाहिए। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में पहचान बनाने का सफर आसान नहीं था और कई बार रिजेक्शन, आर्थिक तंगी और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।
क्रांति प्रकाश झा ने कहा कि “रिजेक्शन दुनिया का नियम है। इससे कोई बच नहीं सकता। हर असफलता ने मुझे और मजबूत बनाया और अपने सपने के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।”
उन्होंने मुंबई के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि ऑडिशन देने के लिए उन्हें रोजाना लोकल ट्रेन से लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। भीड़ और पसीने की वजह से वे अपने साथ अतिरिक्त कपड़े रखते थे, जिन्हें स्टूडियो पहुंचकर बदलते थे और फिर ऑडिशन देते थे।
अभिनेता ने यह भी खुलासा किया कि ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ जैसी चर्चित फिल्म में काम करने के बावजूद उन्हें तुरंत सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा, “फिल्म के बाद भी करीब दो साल तक मेरे पास कोई काम नहीं था। लोग मेरी तारीफ कर रहे थे, लेकिन मेरे पास न काम था और न ही पैसे। उस दौर में सबसे बड़ा सवाल यही था कि काम क्यों नहीं मिल रहा है?”
क्रांति ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने अभिनय पर लगातार काम करते रहे। उन्होंने अपने माता-पिता से मिले संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा कि सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बने रहना बेहद जरूरी है।
आज ‘रक्तांचल 3’ की सफलता के साथ क्रांति प्रकाश झा ओटीटी की दुनिया के चर्चित कलाकारों में शामिल हैं। उनका मानना है कि संघर्ष, धैर्य और लगातार मेहनत ही किसी भी कलाकार को मंजिल तक पहुंचाती है। रिजेक्शन और आर्थिक कठिनाइयों से लेकर दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बनाने तक का उनका सफर नए कलाकारों के लिए प्रेरणा बन गया है।



