राजधानी में मुनि आगम सागर के वर्षायोग की प्रबल संभावना, बड़ा मंदिर में तैयारियां

रायपुर, 6 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में इस वर्ष जैन समाज को चातुर्मास के दौरान ऐतिहासिक आध्यात्मिक सौभाग्य मिलने की प्रबल संभावना है। मुनि आगम सागर ससंघ इन दिनों भनपुरी स्थित बंजारी धाम में विराजमान हैं। हालांकि संघ की ओर से अभी तक चातुर्मास को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनके विहार की दिशा को देखते हुए समाज में यह विश्वास मजबूत हो रहा है कि मालवीय रोड स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) इस वर्ष उनके वर्षायोग का केंद्र बन सकता है।
चातुर्मास को लेकर जैन समाज में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यदि मुनि आगम सागर ससंघ का वर्षायोग रायपुर में होता है, तो यह शहर के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक अवसर होगा।
दिगंबर जैन बड़ा मंदिर पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय जैन नायक ने बताया कि लगभग 150 वर्ष पुराने इस अतिशयकारी मंदिर के पुनर्निर्माण और इसे ‘लघु तीर्थ’ के रूप में विकसित करने का अंतिम मंगल आशीर्वाद संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज ने अपने रायपुर प्रवास के दौरान दिया था। उनके मार्गदर्शन के अनुरूप यहां भव्य तीन मंजिला शिखरयुक्त मंदिर, त्रिकाल चौबीसी, सहस्रकूट जिनालय, संत निवास, आधुनिक धर्मशाला, पार्किंग और उद्यान का निर्माण प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज की आज्ञा के अनुसार 25 जनवरी 2024 को मूलनायक आदिनाथ भगवान की वेदी के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई थी। यह ज्योति नवीन जिनालय के निर्माण कार्य पूर्ण होने तक निरंतर प्रज्ज्वलित रहेगी और वर्तमान में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए उपलब्ध है।
संजय जैन नायक ने सकल जैन समाज से आचार्यश्री के अधूरे संकल्प को पूरा करने के लिए एकजुट होकर लघु तीर्थ निर्माण में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज मिलकर इस महायोजना को गति दे।
जैन समाज का मानना है कि मुनि आगम सागर ससंघ का रायपुर की ओर विहार आचार्य विद्यासागर महाराज के सपनों को साकार करने की दिशा में एक शुभ संकेत है। अब श्रद्धालुओं की निगाहें संघ की ओर से होने वाली आधिकारिक चातुर्मास घोषणा पर टिकी हैं।



