पत्रकारिता और समाजसेवा के पर्याय थे स्व. कुलदीप निगम : मोहन तिवारी
62वीं जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

रायपुर, 11 जुलाई। वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय कुलदीप निगम की 62वीं जयंती पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर के माना स्थित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम एवं मानसिक दिव्यांग बालगृह में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने स्व. निगम की प्रतिमा एवं छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सेवा-संकल्प को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों तथा मानसिक दिव्यांग बालक-बालिकाओं को फल एवं अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई। उपस्थित लोगों ने स्व. कुलदीप निगम के समाजसेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि स्व. कुलदीप निगम केवल एक वरिष्ठ पत्रकार ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर, निराश्रित और जरूरतमंद लोगों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने पत्रकारिता को समाजसेवा का माध्यम बनाते हुए अपना पूरा जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने बताया कि माना कैंप में स्थापित छत्तीसगढ़ के प्रथम वृद्धाश्रम की नींव स्व. कुलदीप निगम ने रखी थी। पिछले 37 वर्षों से यह संस्थान निरंतर बुजुर्गों की सेवा कर मानवता की मिसाल कायम कर रहा है।
मोहन तिवारी ने कहा कि स्व. निगम छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के संस्थापक सदस्य एवं प्रथम महासचिव भी रहे। उनके प्रयासों से मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों की देखभाल और संरक्षण का कार्य संगठित रूप से शुरू हुआ। साथ ही उन्होंने साहसिक कार्य करने वाले बच्चों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप कई बच्चों को वीरता पुरस्कार भी प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि स्व. कुलदीप निगम द्वारा शुरू की गई सेवा की यह परंपरा आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र निगम, सचिव बिमल घोषाल, प्रीति निगम, पारूल चक्रवर्ती, लीला यादव, सत्यम निगम सहित वृद्धाश्रम एवं बालगृह के कर्मचारी उपस्थित रहे।
इधर, स्व. कुलदीप निगम के पैतृक गांव नर्रा स्थित शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी उनकी जयंती पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व, पत्रकारिता और समाजसेवा के योगदान को याद किया।



