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भारतीय फिल्म व्यापार में योगदान के लिए कोमल नाहटा को NIFFA का ‘विमर्श सम्मान’

मुंबई/गोल्ड कोस्ट, 10 जुलाई 2026। भारतीय फिल्म व्यापार और बॉक्स ऑफिस विश्लेषण के क्षेत्र में लंबे समय से अहम योगदान देने वाले वरिष्ठ ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा को नेशनल इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ ऑस्ट्रेलिया (NIFFA) 2026 में प्रतिष्ठित ‘विमर्श सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग और फिल्म व्यापार को नई दृष्टि देने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए क्वींसलैंड में आयोजित फेस्टिवल के समापन समारोह में प्रदान किया गया।

कोमल नाहटा पिछले कई दशकों से भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे विश्वसनीय ट्रेड विश्लेषकों में गिने जाते हैं। उन्होंने बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स, बदलते फिल्म बाजार और इंडस्ट्री के विभिन्न पहलुओं को देश-विदेश के दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया है। ‘विमर्श सम्मान’ उनके इसी दीर्घकालिक योगदान का सम्मान है।

सम्मान मिलने पर कोमल नाहटा ने कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व और सम्मान का क्षण है। उन्होंने कहा कि NIFFA अब ऑस्ट्रेलिया में भारतीय सिनेमा के बढ़ते प्रभाव का मजबूत मंच बन चुका है। भारतीय फिल्में वहां केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तेजी से एक बड़े व्यावसायिक बाजार और विशाल दर्शक वर्ग के रूप में स्थापित हो रही हैं। उन्होंने फेस्टिवल के लगातार विस्तार और विभिन्न शहरों एवं समुदायों तक पहुंच को सराहनीय बताया।

इस अवसर पर फिल्म निर्माता अनुभव सिन्हा और लीना यादव को भी NIFFA के ‘निष्ठा अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।

NIFFA के संस्थापक एवं फेस्टिवल डायरेक्टर अनुपम शर्मा ने कहा कि कोमल नाहटा वर्षों से भारतीय फिल्म व्यापार की सबसे भरोसेमंद आवाज रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘विमर्श सम्मान’ केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के वैश्विक विस्तार और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय बाजार की भी पहचान है।

आज ऑस्ट्रेलिया भारतीय फिल्मों के लिए सबसे तेजी से उभरते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल है। वहां भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी के साथ भारतीय फिल्मों को मुख्यधारा के सिनेमाघरों में भी शानदार दर्शक मिल रहे हैं। ऐसे में NIFFA भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच को मजबूत करने वाले प्रमुख मंच के रूप में उभर रहा है।

इस वर्ष NIFFA 2026 के तहत ऑस्ट्रेलिया के 13 से अधिक शहरों में 200 से ज्यादा स्क्रीनिंग आयोजित की गईं। महोत्सव में 15 भारतीय भाषाओं की फिल्मों का प्रदर्शन हुआ और स्वतंत्र, क्षेत्रीय तथा प्रवासी भारतीय सिनेमा को विशेष मंच प्रदान किया गया। इसके साथ ही NIFFA भारत के बाहर आयोजित भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव बन गया।

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