‘दस्तावेज भेजने हैं तो पता बता दें’… नकटी मामले में अकबर का पलटवार

रायपुर, 12 जुलाई 2026। नकटी भूमि विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने वन मंत्री केदार कश्यप की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि जिन दस्तावेज को सार्वजनिक करने की बात मंत्री कर रहे हैं, वे पहले ही मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक किए जा चुके हैं।
मोहम्मद अकबर ने बयान जारी कर कहा कि शासकीय दस्तावेज स्पष्ट रूप से बताते हैं कि नकटी, सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, रमचंडी, बरौंदा और रीको की कुल 436.01 हेक्टेयर (करीब 1076 एकड़) भूमि को नगर विकास योजना के तहत निजी डेवलपर को सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना में नकटी गांव की कुछ भूमि भी शामिल है, इसलिए सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इसमें वह विवादित जमीन शामिल है या नहीं, जहां हाल ही में कार्रवाई की गई थी।
उन्होंने कहा कि वन मंत्री केदार कश्यप ने दस्तावेज सार्वजनिक करने की चुनौती दी है, जबकि संबंधित सभी दस्तावेज 11 जुलाई को ही मीडिया के माध्यम से जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी अफवाह पर नहीं, बल्कि सरकार की आधिकारिक निविदा पर आधारित है।
अकबर ने बताया कि 245 पृष्ठों की निविदा में नवा रायपुर अटल नगर के लेयर-2 स्थित टाउन डेवलपमेंट स्कीम (TDS) के तहत आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए डेवलपर चयन का उल्लेख है। इसके बदले डेवलपर को मिश्रित उपयोग वाली भूमि के विकास और विक्रय का अधिकार दिए जाने का प्रावधान है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि निविदा के पृष्ठ क्रमांक-6 पर संबंधित गांवों के नाम और कुल 436.0152 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख है, जबकि पृष्ठ 28 से 31 तक योजना के नक्शे और ले-आउट भी संलग्न हैं।
अकबर ने कहा कि यदि मंत्री केदार कश्यप को इन दस्तावेजों की अतिरिक्त प्रति चाहिए तो वे बताएं, कांग्रेस उन्हें उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने दोहराया कि अब सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रस्तावित विकास योजना में नकटी की विवादित भूमि शामिल है या नहीं।



