रामकथा के साथ अब राष्ट्रकथा भी आवश्यक : धीरेन्द्र शास्त्री
शहीदों के सम्मान में बस्तर में होगा 108 कुंडीय महायज्ञ

रायपुर, 2 जनवरी 2026। बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने छत्तीसगढ़ की धरती से राष्ट्रकथा अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि आज देश को सिर्फ धार्मिक कथाओं से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रभु राम भारत की आत्मा में बसते हैं और जब तक देश एकजुट रहेगा, तब तक कोई शक्ति उसे कमजोर नहीं कर सकती।
नक्सल ऑपरेशन विजय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के अंतिम दौर से गुजर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने इसे समाप्त करने का संकल्प ले लिया है और तय समयसीमा के भीतर यह अभियान सफल होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जवानों के बलिदान और सरकार के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च तक नक्सलवाद का खात्मा संभव है।
भिलाई में गृहमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या के खिलाफ लड़ाई में देश ने कई वीर सपूत खोए हैं। उन्हीं शहीद जवानों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और नक्सल ऑपरेशन विजय की सफलता के लिए बस्तर में 108 कुंडीय महायज्ञ कराया जाएगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि महायज्ञ की धार्मिक और सांस्कृतिक रूपरेखा वे स्वयं तय करेंगे। ब्राह्मणों की व्यवस्था से लेकर सेना को आमंत्रण देने तक की जिम्मेदारी वे निभाएंगे, जबकि केंद्रीय रक्षा मंत्री को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। यज्ञ के पहले दिन रक्षा मंत्री शहीद परिवारों के साथ आहुति देंगे।
महायज्ञ स्थल को राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़ा जाएगा। सात खंडों में बनी यज्ञशाला में चारों ओर तिरंगा फहराएगा और शहीद जवानों की तस्वीरें स्थापित की जाएंगी। शहीदों को देवतुल्य मानकर पूजा की जाएगी। महायज्ञ में मिलने वाली संपूर्ण चढ़ावा राशि सेना के राजकोष में समर्पित की जाएगी।



