छत्तीसगढ़ में नीति निर्माण को मिलेगा नया आयाम, IIM और नीति आयोग के बीच MoU

रायपुर, 8 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में सुशासन, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन और भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य नीति अनुसंधान, संस्थागत क्षमता विकास, डेटा एनालिटिक्स, प्रशिक्षण और सतत विकास के क्षेत्रों में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
एमओयू पर योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग एवं राज्य नीति आयोग की ओर से सचिव भुवनेश यादव और IIM रायपुर की ओर से निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों संस्थान प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान, परामर्श, डेटा एनालिटिक्स, शोध और दस्तावेजीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
सरकारी अधिकारियों के लिए होंगे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
एमओयू के तहत शासकीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव और कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जा सकेंगे। इसके अलावा इकोनोमेट्रिक्स, रिसर्च मेथडोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, नेतृत्व और प्रबंधकीय कौशल जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डेटा और रिसर्च के आधार पर बनेगी नीति
दोनों संस्थान नीति अनुसंधान, योजनाओं के प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, बेंचमार्किंग और रणनीतिक परामर्श के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। राज्य की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े शोध, केस स्टडी, पॉलिसी ब्रीफ और शोध रिपोर्ट तैयार करने में भी सहयोग किया जाएगा।
IIM रायपुर के विद्यार्थी करेंगे लाइव प्रोजेक्ट
समझौते के तहत IIM रायपुर के फैकल्टी और विद्यार्थी डेटा एनालिटिक्स आधारित लाइव प्रोजेक्ट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, गवर्नेंस इनोवेशन और एप्लाइड रिसर्च में भाग ले सकेंगे। विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग, एक्शन रिसर्च और कैपस्टोन प्रोजेक्ट के जरिए सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।
विशेषज्ञता और ज्ञान का होगा आदान-प्रदान
एमओयू के अंतर्गत संयुक्त कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, पॉलिसी डायलॉग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन और राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। IIM रायपुर के विशेषज्ञ, शासकीय अधिकारी और अन्य विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षण, शोध और परामर्श गतिविधियों में सहयोग करेंगे। लागू नियमों के तहत अकादमिक संसाधन, शोध प्रकाशन, गैर-गोपनीय डेटा और तकनीकी विशेषज्ञता भी साझा की जा सकेगी।
यह समझौता छत्तीसगढ़ में शासन व्यवस्था और नीति निर्माण को अधिक डेटा आधारित, शोधपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य नीति आयोग और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की नीतिगत समझ को IIM रायपुर की अकादमिक विशेषज्ञता के साथ जोड़कर राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर अनुसंधान, नवाचार और प्रभावी नीति निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।



