धर्म-आध्यात्म

आमलकी एकादशी पर करें तुलसी से जुड़े ये खास उपाय, मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा

पंडित यशवर्धन पुरोहित

आमलकी एकादशी के दिन भगवना विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने के साथ तुलसी संबंधित इन उपायों को करना लाभकारी हो सकता है। जानें इन ज्योतिषीय उपायों के बारे में…

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष को एकादशी का व्रत रखा जाता है। इसे आमलकी, आंवला एकादशी के अलावा रंगभरी एकादशी के नाम से जानते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती है। आमलकी एकादशी को आंवला की पूजा करने से भी विशेष फलों की प्राप्ति हो सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा पाठ करने के साथ कुछ तुलसी संबंधित ज्योतिषीय उपायों को करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न हो सकती है और सुख-संपदा का आशीर्वाद दे सकती है।

आमलकी एकादशी 2026 कब?
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026 तड़के 12:33 से आरंभ हो रही है, जो 27 फरवरी 2026 की रात 10:32 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि को आधार पर 27 फरवरी 2026, शुक्रवार आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
आमलकी एकादशी पर करें तुलसी संबंधित ये उपाय

तुलसी के पौधे पर चढ़ाएं चुनरी
आमलकी एकादशी के दिन तुलसी जी की विधिवत पूजा करने के साथ लाल चुनरी के साथ सोलह श्रृंगार चढ़ाएं। इससे वैवाहिक जीवन में खुशियां आती है।

तुलसी के पौधे पर जलाएं दीपक
एकादशी को शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से सुख-समृद्धि आती है।

तुलसी को लगाएं भोग
आमलकी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा करने के साथ पेड़े, खीर का भोग लगाना लाभकारी माना जाता है।

तुलसी पर अर्पित करें दूध
आमलकी एकादशी को सुबह स्नान के बाद तुलसी में जल या कच्चा दूध चढ़ाएं। इसके साथ ही 7 बार परिक्रमा करें।

तुलसी की लकड़ी का जलाएं दीपक
सूखी तुलसी के पौधे से छोटी-छोटे 7 डंठल तोड़ लें। इसके बाद इन्हें एक साथ एकत्र करके सफेद सूत से बांध दें। अच्छे से बांधने के बाद इसे घी में डूबो दें। इसके बाद इसे श्री हरि विष्णु के सामने जला दें। ऐसा करने से वह अति प्रसन्न होते हैं।

सूखी तुलसी की लकड़ियों के करें ये उपाय
आमलकी एकादशी के दिन 4-5 सूखी तुलसी की लकड़ियां लेकर इसे बंडल बनाकर सफेद धागा या फिर सूत से बांध दें। इसके बाद एक लोटे या कटोरी में गंगाजल लें। फिर इन लकड़ियों की मदद से पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव कर दें। ऐसा करने से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है।

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