बेंगलुरु-मुंबई रेल संपर्क हुआ मजबूत, केंद्रीय रेल मंत्री ने नई एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी

बेंगलुरु, 18 मई 2026। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई सेवा को कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
रेल मंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा भी जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की लंबे समय से लंबित रेल मांगों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कर्नाटक में 2,160 करोड़ रुपये की लागत से 61 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 9 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन का पुनर्विकास 485 करोड़ रुपये और यशवंतपुर स्टेशन का पुनर्विकास 367 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से कर्नाटक में लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं। हसन-मंगलुरु खंड में जटिल विद्युतीकरण कार्य भी पूरा कर लिया गया है और परीक्षण कार्य जारी है।
उन्होंने बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि चारों कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे मार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जबकि स्टेशन निर्माण कार्य जारी है।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि कर्नाटक में वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियां संचालित हो रही हैं। बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर परीक्षण जारी है, जिससे जल्द ही मडगांव तक तटीय संपर्क बेहतर होगा।
इस मौके पर रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि नई ट्रेन सेवा से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और कर्नाटक के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि थानिसंद्रा में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए 270 करोड़ रुपये की लागत से रखरखाव डिपो बनाया जाएगा।



