छत्तीसगढ़

धान घोटाले पर सरकार का ‘चूहे-बिल्ली’ खेल बंद हो : एनएसयूआई

रायपुर, 20 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित धान घोटाले को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल और तेज हो गए हैं। वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार द्वारा नुकसान का ठीकरा चूहों पर फोड़े जाने के प्रयास के विरोध में सोमवार को रायपुर जिला एनएसयूआई ने जिला कलेक्ट्रेट में अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर ख़ान के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चूहे को प्रतीक बनाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा व्यंग्य किया और आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के धान घोटाले को “चूहे-बिल्ली के खेल” में बदलकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सरकार की नाकामी और जिम्मेदारी से बचने का सीधा प्रमाण है।

निष्पक्ष जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग
एनएसयूआई ने मांग की कि धान घोटाले जैसे गंभीर आर्थिक अपराध की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा इस मामले में संलिप्त अधिकारियों के साथ-साथ खाद्य मंत्री से भी तत्काल इस्तीफा लिया जाए। संगठन का कहना है कि जब तक असली दोषियों के नाम सामने नहीं आते, तब तक सरकार की मंशा पर संदेह बना रहेगा।

किसानों और जनता के साथ विश्वासघात
जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर ख़ान ने कहा कि धान घोटाला प्रदेश के किसानों और आम जनता के साथ खुला विश्वासघात है। यदि सरकार ईमानदार है तो उसे नए-नए बहाने गढ़ने के बजाय सच्चाई सामने लानी चाहिए। चूहों को आरोपी ठहराना इस घोटाले से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने की चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि जब तक धान घोटाले की सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, संगठन चुप नहीं बैठेगा। आवश्यकता पड़ने पर इस आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।

इस प्रदर्शन में प्रदेश सचिव अतिक मेमन, जिला महासचिव संस्कार पांडेय, आशीष बाजपाई, मो. ज़िशन, नितिन सागर, अनिकेत महतो सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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