छत्तीसगढ़

अफीम ने विधानसभा में मचाया हंगामा, कांग्रेस के 35 विधायक निलंबित

रायपुर, 9 मार्च 2026। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत कांग्रेस के 35 विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

प्रश्नकाल समाप्त होते ही नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजधानी रायपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर समोदा गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आया है और इसकी पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर भी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा है। छत्तीसगढ़ की पहचान धान के कटोरे के रूप में रही है, लेकिन अब यह अफीम के कटोरे की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

इस दौरान पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री का नाम लिए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह खेती पिछले चार वर्षों से चल रही थी। उन्होंने कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व मंत्री की संलिप्तता का भी आरोप लगाया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में आरोपी का नाम तीसरे नंबर पर है, जबकि पहले नंबर पर कर्मचारियों के नाम दर्ज किए गए हैं। साथ ही प्रदेश के फार्महाउसों की जांच कराने की भी मांग की।

कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने मामले में राजस्व विभाग की भूमिका की जांच की मांग की, जबकि पूर्व मंत्री उमेश पटेल समेत अन्य कांग्रेस विधायकों ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

मामले पर जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने की। उन्होंने बताया कि खेत से करीब 6,224 किलो अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। इस मामले में आरोपी विकास विश्नोई और विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जोधपुर सहित अन्य स्थानों पर भेजी गई है।

गृहमंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए आसंदी के समक्ष पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सभापति धरमलाल कौशिक ने नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस के 35 विधायकों को निलंबित करने की घोषणा कर दी।

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