छत्तीसगढ़

कबीरधाम पुलिस ने किया 8 साल पुराने अंधे कत्ल का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

कवर्धा, 16 दिसंबर 2025। कबीरधाम जिले में वर्ष 2017 के एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 8 साल पुराने इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कबीरधाम पुलिस द्वारा पुराने अनसुलझे मामलों की दोबारा समीक्षा के दौरान की गई।

पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (भापुसे) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार बघेल एवं पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह के पर्यवेक्षण में यह सफलता मिली। पुलिस की सतत निगरानी, कड़ाई से पूछताछ और मुखबिर तंत्र के प्रभावी उपयोग से यह मामला सुलझ पाया।

क्या है पूरा मामला
17 मई 2017 को थाना कुकदूर क्षेत्र के ग्राम अमनिया में 14 वर्षीय बालिका राजबाई गोड का शव कोलिहामाड़ा नाला के पास भेलवा पेड़ पर उसकी चुनरी से लटका हुआ मिला था। प्रारंभ में मर्ग कायम कर जांच की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि होने पर इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या माना गया। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया गया, लेकिन वर्षों तक मामला अंधा बना रहा।

2025 में फिर शुरू हुई जांच
वर्ष 2025 में पुराने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान इस प्रकरण को दोबारा खोला गया। जांच के दौरान संदेहियों पर नजर रखी गई और कई दौर की पूछताछ की गई। इसी दौरान साक्षी लक्ष्मण टेकाम ने घटना से जुड़ी अहम जानकारी दी, जिसे उसने पहले डर के कारण नहीं बताया था। उसका बयान न्यायालय में धारा 164 के तहत दर्ज कराया गया।

साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रमला उर्फ राम धुर्वे से पूछताछ की गई, जिसमें उसने खुलासा किया कि दयाल उर्फ दयालाल बैगा ने बालिका की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया था। पूछताछ में दयालाल बैगा ने भी अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एक साल में 14 ब्लाइंड मर्डर सुलझाए
पुलिस के अनुसार, बीते एक वर्ष में कबीरधाम जिले में 14 पुराने ब्लाइंड मर्डर मामलों का सफल खुलासा किया गया है। इनमें कवर्धा थाना क्षेत्र का चर्चित डॉक्टर दंपत्ति डबल मर्डर केस सहित तरेगांव और पिपरिया थाना क्षेत्र के मामले भी शामिल हैं।

पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस प्रकरण के खुलासे में थाना कुकदूर पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही। निरीक्षक संग्राम सिंह धुर्वे के नेतृत्व में टीम ने लगातार फील्डवर्क और सटीक विवेचना के जरिए ठोस साक्ष्य जुटाए। टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का इस कार्रवाई में योगदान रहा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराध चाहे कितने भी पुराने क्यों न हों, अपराधी कानून से नहीं बच सकते। जिले में कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुराने अनसुलझे मामलों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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