छत्तीसगढ़

विधानसभा में स्मार्ट सिटी चौपाटी मामला: हाईकोर्ट के आदेश पर हुई शिफ्टिंग, वसूली नहीं

रायपुर, 16 दिसंबर 2025। विधानसभा में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक राजेश मूणत के सवाल पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि रायपुर स्मार्ट सिटी के तहत बनी चौपाटी को हाईकोर्ट के आदेश के पालन में शिफ्ट किया गया था। इस कारण चौपाटी के डिसमेंटल पर हुए खर्च की वसूली किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से नहीं की गई है।

राजेश मूणत ने लिखित प्रश्न में पूछा था कि क्या 9 जुलाई 2024 को गठित जांच समिति की रिपोर्ट को जानबूझकर लंबित रखा गया है और दोषी अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया था कि ग्रीन कॉरिडोर यूथ हब की जगह चौपाटी निर्माण कराने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी और क्या खर्च की वसूली की जाएगी।

जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड से 312 कार्यों की विस्तृत सूची 29 मई 2025 को प्राप्त हुई थी। इसके बाद समिति ने 30 जून 2025 को अपना तथ्यात्मक प्रतिवेदन सौंप दिया है। यह प्रतिवेदन फिलहाल परीक्षणाधीन है और इसे आवास एवं पर्यावरण विभाग को भेज दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर यूथ हब की मूल स्वीकृत परियोजना के अनुसार ही वेंडिंग जोन का निर्माण किया गया था। इसके संचालन और संधारण के लिए मेसर्स गुरु हरकिशन होटल एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया था। अनुबंध निरस्त होने के बाद संबंधित एजेंसी ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के खिलाफ हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट द्वारा 3 जुलाई 2024 को पारित आदेश के पालन में 10 अक्टूबर 2024 को आपसी समझौता हुआ, जिसके तहत वेंडिंग जोन की शिफ्टिंग की गई। इसी कारण चौपाटी को हटाने पर हुए खर्च की वसूली नहीं की गई, मंत्री ने सदन को बताया।

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