जाको राखे साइयां मार सके न कोए: खाई में फेंके जाने के बाद भी बची सुपरवाइजर की जान
20 लाख की लूट में शामिल 4 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार

जांजगीर, 17 जनवरी 2026। जांजगीर-चांपा में 20 लाख की लूट के दौरान बदमाशों ने सुपरवाइजर को गहरी खाई में फेंक दिया, लेकिन उसकी जान किस्मत और हौसले से बच गई। पूरी रात झाड़ियों के सहारे लटका रहा पीड़ित सुबह किसी तरह बाहर निकला। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच ही कहा गया है—जाको राखे साइयां, मार सके न कोए।
जांजगीर-चांपा जिले में 20 लाख रुपये की लूट और सुपरवाइजर को जान से मारने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कैश कलेक्शन कर लौट रहे सुपरवाइजर की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लूट की कोशिश की थी। जब वे सफल नहीं हुए तो सुपरवाइजर को जबरन कार में बैठाकर मैनपाट ले गए और हत्या की नीयत से उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया।
गनीमत रही कि पीड़ित झाड़ियों में फंस गया और उसकी जान बच गई। किसी तरह खाई से बाहर निकलकर उसने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
कैश कलेक्शन के दौरान वारदात
पीड़ित हरीश देवांगन ने थाना चांपा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह मेसर्स अरविंद इंडस्ट्रीज चांपा में पिछले 4-5 वर्षों से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। 9 जनवरी 2026 को वह सक्ती से कंपनी का कैश कलेक्शन कर मोटरसाइकिल से चांपा लौट रहा था। उसके पास विष्णु पेट्रोल पंप और बंशीधर हार्डवेयर से कलेक्ट की गई कुल 20 लाख 18 हजार 700 रुपये की नगदी थी।
दोपहर करीब 3.30 बजे ग्राम कोसमंदा मेन रोड तालाब के पास एक काले रंग की कार ने उसे रोका। कार सवार बदमाशों ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया और नगदी से भरा बैग छीनने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जबरन कार में डाल लिया।
मैनपाट ले जाकर खाई में फेंका
आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल छीन लिया और मारपीट करते हुए रात करीब 9 बजे उसे मैनपाट के सेल्फी पॉइंट के पास ले गए। वहां बैग छीनने के बाद हरीश देवांगन को गहरी खाई में धक्का दे दिया और मरा समझकर फरार हो गए। पूरी रात वह पेड़ और झाड़ियों के सहारे लटका रहा। सुबह किसी तरह बाहर निकलकर लिफ्ट लेकर कापू पहुंचा और एक कंप्यूटर दुकान से मोबाइल लेकर अपने ऑफिस को घटना की जानकारी दी।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य से खुला मामला
एसपी विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस और साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध कार पिसौद, चांपा, पहरिया, बलौदा होते हुए कोरबा की ओर जाती दिखी। आंशिक नंबर और वाहन की बनावट के आधार पर कार की पहचान की गई।
जांच में कार का मालिक बिरगहनी, चांपा निवासी अमीर मिरी निकला, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने साथियों योगेश रात्रे, जमुना सेवायक, महेश्वर दिवाकर और एक अन्य के साथ मिलकर लूट की साजिश रचने की बात कबूल की।
लूटी गई रकम और हथियार बरामद
आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने लूट की रकम में से 13 लाख 75 हजार रुपये, घटना में प्रयुक्त कार, चाकू, बेसबॉल स्टिक और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।



