मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर ब्याज टैक्स-मुक्त, पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत: केदार कश्यप

जगदलपुर, 2 फरवरी 2026। केंद्रीय बजट 2026-27 में मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर मिलने वाले ब्याज को आयकर से पूर्णतः मुक्त करने और उस पर टीडीएस समाप्त करने के निर्णय को छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने ऐतिहासिक और जन-कल्याणकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस मानवीय निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आते हैं, पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने में अक्सर लंबा समय लग जाता है। ऐसे में मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज उनके लिए अहम आर्थिक सहारा होता है, लेकिन अब तक टैक्स और टीडीएस कटौती के कारण उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पाता था।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा प्रावधान
मंत्री कश्यप ने बताया कि बजट प्रावधानों के अनुसार मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए जाने वाले ब्याज पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा और टीडीएस पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, जिसके बाद मिलने वाला पूरा ब्याज कर-मुक्त रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहतकारी है, जिन्होंने दुर्घटना में अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया है या जो गंभीर रूप से घायल होकर लंबे इलाज से गुजर रहे हैं। टैक्स-मुक्त ब्याज से उन्हें इलाज, पुनर्वास और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सीधी मदद मिलेगी।
मंत्री कश्यप ने यह भी कहा कि जहां बजट 2026-27 में कुल कर संग्रह का अनुमान लगभग 34 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, वहीं मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर दी गई यह छूट दर्शाती है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक न्याय को भी मजबूती देना है।
अंत में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार, केंद्र सरकार के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, दुर्घटना पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।



