महानाट्य ‘जाणता राजा’ से जीवंत हुई छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा

रायपुर, 20 फरवरी 2026। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 19 फरवरी को ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य मंचन शुरू हुआ। यह विशेष प्रस्तुति 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को आयोजित की जाएगी। लगभग तीन घंटे के इस विराट नाट्य मंचन में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा को जीवंत दृश्य, विशाल मंच सज्जा और अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।
स्थानीय कलाकारों को मिला अवसर
छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे। विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया, जिन्होंने निर्देशक योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास के बाद मंचन में भागीदारी निभाई। प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा और आस्था काले सहित कई प्रतिभाओं ने प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया।
भव्य मंच सज्जा और जीवंत दृश्य
मंचन के दौरान घोड़ों पर सवार सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। ऊंटों की उपस्थिति ने भी प्रस्तुति को और भव्य बनाया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ कौशिक नाईक और वैभव जोशी ने मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था को विशेष प्रभावशाली बनाया। पारंपरिक कोली गीत समेत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में ऐतिहासिक रंग भर दिया।
मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर महानाट्य का अवलोकन किया और दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने अफजल खाँ और शाइस्ता खान के साथ हुए ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज ने हर चुनौती का सामना सूझबूझ और पराक्रम से किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक थे, जिन्होंने सभी धर्मों का सम्मान और महिलाओं की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन मर्यादा, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देता है।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य से जुड़े अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



