बस्तर में 108 माओवादियों ने किया सरेंडर, 3 करोड़ से ज़्यादा का था इनाम

जगदलपुर, 11 मार्च 2026। बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 44 महिला कैडर सहित कुल 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन सभी नक्सलियों पर सरकार द्वारा कुल 3 करोड़ 29 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
लगातार सुरक्षा बलों के दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में हथियार और नकदी भी बरामद हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस आत्मसमर्पण के बाद कांकेर जिले में अब केवल 21 हथियारबंद नक्सली सक्रिय रह जाएंगे। प्रशासन ने 31 मार्च से पहले जिले को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान को और तेज कर दिया है।
आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार भी जमा किए हैं। पुलिस के मुताबिक एके-47, इंसास राइफल, एलएमजी, .303 राइफल और अन्य हथियारों सहित कुल 101 हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे गए हैं। इसके अलावा नक्सली ठिकानों से करीब 3 करोड़ 62 लाख रुपये नकद और लगभग एक किलो सोना भी बरामद किया गया है।
जारी आंकड़ों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में डीवीसीएम – 6, सीवाईपीसीएम – 3, पीपीसीएम – 18, एसीएम – 23 और पार्टी सदस्य – 56 शामिल हैं। जिलेवार आंकड़ों में बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर के कई क्षेत्रों के माओवादी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण बस्तर में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।


