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फर्जी बम धमकियों का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: NET-क्वालिफाइड पूर्व प्रोफेसर निकला आरोपी

नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2026। देशभर में अदालतों, स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियों से दहशत फैलाने वाले मास्टरमाइंड श्रीनिवास लुईस को दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों को लंबे समय से चकमा दे रहा यह आरोपी कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि NET-क्वालिफाइड पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर है।

कौन है आरोपी?
श्रीनिवास लुईस पढ़ा-लिखा और तकनीकी रूप से सक्षम व्यक्ति है। उसने पोस्टग्रेजुएशन किया है और नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) भी पास किया है। वह पहले एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुका है। फिलहाल वह बेरोजगार था और मैसूर में अपनी मां, जो रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं, के साथ किराए के मकान में रह रहा था।

धमकियों के पीछे क्या वजह?
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसके परिवार का एक जमीन विवाद अदालत में चल रहा था। इस मामले में न्याय न मिलने से वह न्यायिक व्यवस्था से नाराज़ था। इसी आक्रोश में उसने अदालतों और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया, ताकि ज्यादा से ज्यादा डर फैलाया जा सके। जांच एजेंसियों को उसके मानसिक तनाव में होने की भी आशंका है।

साइबर तकनीक से देता रहा चकमा
आरोपी ने खुद को पकड़ से दूर रखने के लिए कई तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया:

IP एड्रेस स्पूफिंग: अपनी असली लोकेशन छिपाने के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया
लोकेशन बदलना: एक ही दिन में कई जगहों पर ईमेल भेजकर तुरंत जगह बदल लेता था
मोबाइल का इस्तेमाल: अंग्रेजी और कन्नड़ में धमकी भरे ईमेल भेजता था

पाकिस्तान तक भेजे ईमेल
जांच में यह भी सामने आया कि उसने भारत के अलावा पाकिस्तान के कुछ शहरों में भी ऐसे फर्जी धमकी भरे ईमेल भेजे। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। डिजिटल सबूत जुटाने के लिए आरोपी को फिर से मैसूर ले जाया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि देशभर में दर्ज कई FIR का सीधा संबंध इसी आरोपी से है या नहीं।

यह मामला दिखाता है कि तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल किस तरह बड़े स्तर पर दहशत फैला सकता है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकता है।

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