खबरों के बाद जागा विभाग: सड़कों की हकीकत जांचने पहुंचे बड़े अफसर

बीजापुर, 3 जून 2026। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर मीडिया में सामने आई खबरों के बाद विभाग हरकत में आ गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. कटारे बुधवार को बीजापुर पहुंचे और विभिन्न निर्माणाधीन तथा पूर्ण सड़क परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करते हुए कई स्थानों पर खामियों पर नाराजगी जताई और ठेकेदारों को सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण दल में अधीक्षण अभियंता मनोज रात्रे सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सड़कों में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, सड़क की मोटाई, सतह की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा प्रावधानों की बारीकी से जांच की।
90 किमी सड़क परियोजना की भी हुई जांच
भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत उलूर से केरपे तक प्रस्तावित 90 किलोमीटर लंबी सड़क का भी विभागीय टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किए जाने पर प्रमुख अभियंता ने नाराजगी व्यक्त की। ठेकेदार अंकित गुप्ता को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के अनुरूप पूरा होने के बाद ही भुगतान संभव होगा।
निरीक्षण में सड़क किनारे खाईनुमा तरीके से मिट्टी खोदकर अर्थवर्क किए जाने और मनमाने ढंग से पुलिया निर्माण पर भी आपत्ति जताई गई। अधिकारियों ने संबंधित पुलियाओं को तोड़कर विभागीय अभियंताओं के निर्देशानुसार दोबारा निर्माण करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क के किनारे खोदी गई मिट्टी को भरने के लिए भी कहा गया, ताकि भविष्य में सड़क कटाव की आशंका न रहे।
अन्य परियोजनाओं का भी हुआ निरीक्षण
विभागीय टीम ने पालनार-रेगडगट्टा मार्ग (5 किमी) तथा भैरमगढ़-बीजापुर सड़क से बडेतुंगली मार्ग का भी निरीक्षण किया। इन परियोजनाओं का निर्माण कर रही दंगल बिल्डर्स को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागीय और ठेकेदार पक्ष के तकनीकी अमले के साथ पुनः संयुक्त निरीक्षण कराने को कहा गया।
ग्रामीण विकास में सड़कों की अहम भूमिका
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता के.के. कटारे ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार जैसी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें क्षेत्रीय विकास की आधारशिला होती हैं और इनके माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलती है।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
प्रमुख अभियंता ने ठेकेदारों और विभागीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने में सड़क परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



