
बीजापुर, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में एक बार फिर बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित प्रेसवार्ता में जगदलपुर के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली शुल्क में की गई वृद्धि जनता पर सीधा आर्थिक बोझ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है।
रेखचंद जैन ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इसके अलावा हाल ही में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (MPPS) भी लगाया गया है, जिससे किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ा है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में बिजली दरों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी और उस दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा करने की योजना लागू थी। जबकि भाजपा सरकार ने पहले यह योजना बंद की और अब लगातार बिजली दरें बढ़ाकर जनता को परेशान कर रही है।
45 लाख उपभोक्ताओं के बिल तीन गुना बढ़ने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश के 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के बिल जून माह में औसतन तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को एक ही महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं। कई मामलों में बिना उपभोक्ता की सहमति के अनुबंध भार क्षमता बढ़ा दी गई है, जिससे बिलों में और वृद्धि हो रही है।
स्मार्ट मीटरों पर उठाए सवाल
रेखचंद जैन ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं और सामान्य मीटरों की तुलना में तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में बढ़ोतरी के तीन प्रमुख कारण हैं—बिजली दरों में वृद्धि, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटरों द्वारा अधिक रीडिंग दिखाना।
उत्तर प्रदेश का दिया उदाहरण
प्रेसवार्ता में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार ने स्मार्ट मीटरों को वापस लेने का निर्णय लिया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा कर इसे वापस लेना चाहिए।
सरकार पर बिजली आपूर्ति में विफलता का आरोप
रेखचंद जैन ने कहा कि सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में असफल रही है, बावजूद इसके उपभोक्ताओं पर लगातार महंगे बिलों का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता एक तरफ बिजली कटौती और दूसरी तरफ बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान है।
कांग्रेस नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटरों के मुद्दे पर राहत नहीं दी, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी।
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, प्रवीण डोंगरे, कमलेश कारम सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



