रायपुर बारिश से बेहाल: मूसलाधार वर्षा ने खोली तैयारियों की पोल…
शहर के कई इलाके पानी में डूबे

रायपुर, 5 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार दोपहर शुरू हुई बारिश ने देर रात और रविवार तक विकराल रूप ले लिया। मूसलाधार वर्षा के कारण शहर के कई प्रमुख मार्ग, कॉलोनियां और निचले इलाके जलमग्न हो गए। जगह-जगह जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है।
राजधानी में शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश पूरी रात जारी रही। रविवार सुबह तक कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। कई कॉलोनियों में घरों के भीतर तक पानी घुस गया, जिससे लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिवारों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा, जबकि कुछ स्थानों पर लोग घरों से बाहर निकलने में भी असमर्थ रहे।
शहर के कई इलाके जलमग्न
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के कई वार्ड शामिल रहे। महामाया मंदिर वार्ड, वामनराव लाखे वार्ड, मैत्री नगर, भक्त माता कर्मा वार्ड, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड, रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड, छत्तीसगढ़ नगर, धर्मनगर, संजय नगर सहित कई बस्तियों और कॉलोनियों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया। कई प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बिजली और यातायात पर भी असर
भारी बारिश के चलते कई इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बाधित करनी पड़ी। जलभराव के कारण कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। शहर के प्रमुख चौराहों और अंडरब्रिजों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलनिकासी और राहत कार्य में जुटी रहीं।
नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल
बारिश के बाद एक बार फिर नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण हर वर्ष शहर को इसी तरह जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर नालों के ऊपर अतिक्रमण और बंद निकासी मार्गों के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
किसानों के लिए राहत की खबर
जहां शहरी क्षेत्रों में बारिश परेशानी का कारण बनी, वहीं प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और किसानों के लिए यह राहत लेकर आई है। जून में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई थी। अब सक्रिय मानसून से धान रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ सहित बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



