1.19 करोड़ की अनियमितता: 8 पंचायत सचिव निलंबित…

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 21 मार्च 2026। जिले में पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। 15वें वित्त आयोग की राशि में गड़बड़ी के आरोप में आठ पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। इन पर कुल 1.19 करोड़ रुपये का भुगतान नियमों के विरुद्ध वेंडरों को करने का आरोप है।
शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सभी आठ सचिवों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आई गड़बड़ियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिवों द्वारा बड़ी रकम का भुगतान अनियमित तरीके से किया गया। इसमें तेंदुमुड़ा के सचिव उमा शंकर उपाध्याय द्वारा 29.98 लाख रुपये, नेवरी नवापारा के भैयालाल करसायल द्वारा 26.13 लाख रुपये, ठाड़पथरा के नान्हूदास बघेल द्वारा 23.26 लाख रुपये का भुगतान शामिल है।
इसी तरह आमाडोब के ओंकार भानू पर 10.91 लाख, पूटा के रतन सिंह पर 10.72 लाख, आमगांव के राधेश्याम मरावी पर 6.40 लाख, साल्हेघोरी के राजकुमार शर्मा पर 6.69 लाख और हर्राटोला के त्रिलोक सिंह पर 5.47 लाख रुपये के अनियमित भुगतान के आरोप लगे हैं।
निलंबन के दौरान गौरेला रहेगा मुख्यालय
प्रशासन ने सभी सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला निर्धारित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
जिले में मचा हड़कंप, प्रशासन सख्त
एक साथ आठ पंचायत सचिवों के निलंबन से जिले में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वित्तीय अनियमितता या लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।



