लालू को सुप्रीम कोर्ट से आंशिक राहत, लेकिन ट्रायल पर रोक से इनकार

नई दिल्ली, 13 अप्रैल 2026। जमीन के बदले नौकरी घोटाले के बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी मांग खारिज कर दी है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट देकर आंशिक राहत जरूर दी है।
बुधवार को सुनाए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह सीधे तौर पर ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक नहीं लगा सकता। साथ ही, अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय को जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
यह घोटाला उस समय से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीनें ली गईं। इस मामले में सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। लालू यादव ने एफआईआर और निचली अदालत की कार्यवाही को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को पहले संबंधित अदालतों में अपनी बात रखनी चाहिए। हालांकि, व्यक्तिगत पेशी से छूट मिलने से लालू यादव को बार-बार अदालत में उपस्थित होने से राहत मिलेगी।
आगे की प्रक्रिया
अब इस मामले की दिशा दिल्ली उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उम्मीद है कि इस बहुचर्चित मामले में जल्द ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होगी।



