छत्तीसगढ़

वेदांता प्लांट हादसा एक आपराधिक लापरवाही : मोहम्मद सिद्दीक़

50 लाख मुआवजे की मांग

रायपुर, 14 अप्रैल 2026। सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक़ ने घटना को प्रबंधन और राज्य सरकार की “आपराधिक लापरवाही” करार दिया है।

उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है। सिद्दीक़ ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और मुनाफे के लिए मजदूरों की जान जोखिम में डाली। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

मुआवजे और जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने सरकार और प्रबंधन के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने और घायलों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ मुफ्त और उच्च स्तरीय इलाज सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सिद्दीक़ ने कहा कि प्लांट में नियमित सुरक्षा ऑडिट नहीं हो रहा है और बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के मजदूरों से काम लिया जा रहा है। उन्होंने पूरे प्लांट का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की।

7 दिन का अल्टीमेटम
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पार्टी श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी। इस बयान के बाद हादसे को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

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