छत्तीसगढ़

आनंद विहार सोसायटी को मिली बड़ी कानूनी राहत

पंजीयन निरस्तीकरण आदेश पर लगी रोक

रायपुर, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने आनंद विहार रेसिडेंस विकास सोसायटी, धरमपुरा को बड़ी राहत देते हुए उसके पंजीयन निरस्तीकरण संबंधी आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 17 जून 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी किया गया।

जारी आदेश के अनुसार, आनंद विहार रेसिडेंस विकास सोसायटी ने छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1973 की धारा 40 के तहत अपील प्रस्तुत कर पंजीयक फर्म एवं संस्थाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा 25 नवंबर 2025 को जारी पंजीयन निरस्तीकरण आदेश को चुनौती दी थी। सोसायटी ने अपील के साथ अंतरिम राहत आवेदन भी प्रस्तुत किया था।

सोसायटी ने बताई संचालन में आ रही दिक्कतें

अपील में सोसायटी ने तर्क दिया कि पंजीयन निरस्त होने के कारण उसके बैंक खातों का संचालन प्रभावित हो गया है। इससे कर्मचारियों के वेतन, रखरखाव कार्यों के भुगतान तथा अन्य नियमित खर्चों पर असर पड़ रहा है। सोसायटी ने इसे अपने दैनिक संचालन और लोकहित के लिए गंभीर बाधा बताया।

अंतिम निर्णय तक कार्रवाई स्थगित

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप सचिव एवं अपीलीय प्राधिकारी उमेश कुमार पटेल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध अभिलेखों के प्रारंभिक परीक्षण और पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले के अंतिम निराकरण अथवा अगले आदेश तक पंजीयक द्वारा जारी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाती है।

इसके साथ ही सहायक पंजीयक द्वारा सोसायटी के खिलाफ की जा रही आगामी दंडात्मक और निरस्तीकरण संबंधी सभी कार्रवाईयों के प्रभाव को भी स्थगित कर दिया गया है।

अपील पर आगे होगी सुनवाई

अंतरिम राहत मिलने के बाद अब मामले की नियमित सुनवाई होगी। फिलहाल आदेश से सोसायटी को राहत मिली है और उसके नियमित प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

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