छत्तीसगढ़

रविवि में संघ से जुड़े वक्ता को बुलाने पर NSUI का विरोध, सौंपा ज्ञापन

रायपुर, 23 जनवरी 2026। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शासकीय कार्यक्रमों के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े व्यक्तियों को मंच देने के आरोप को लेकर एनएसयूआई ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन कर RSS कार्यकर्ता के हाथों ज्ञापन सौंपा और विश्वविद्यालय को वैचारिक मंच बनाए जाने का आरोप लगाया।

एनएसयूआई का कहना है कि 21 जनवरी को आयोजित “श्रीमंत शंकरदेव शोधपीठ लोकार्पण समारोह” में RSS के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया, जो विश्वविद्यालय की अकादमिक तटस्थता, संवैधानिक मूल्यों और शासकीय मर्यादाओं के खिलाफ है। संगठन का आरोप है कि शासकीय विश्वविद्यालय किसी एक राजनीतिक या वैचारिक संगठन का मंच नहीं हो सकता।

हेमंत पाल ने कहा कि RSS कोई शैक्षणिक या शोध संस्था नहीं, बल्कि एक वैचारिक संगठन है। ऐसे में उसके पदाधिकारी को विश्वविद्यालय के मंच से मुख्य वक्ता बनाना विचारधारात्मक प्रचार के समान है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस नियम, अधिसूचना या वैधानिक प्रावधान के तहत RSS पदाधिकारी को शासकीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बनाया गया। साथ ही यह भी पूछा कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन यह मानता है कि केवल एक ही विचारधारा से जुड़े लोग ज्ञान और संस्कृति के प्रतिनिधि हैं, जबकि अन्य शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को अवसर क्यों नहीं दिया गया।

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि इस तरह के आयोजन संविधान की धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भावना के विपरीत हैं और विश्वविद्यालय को राजनीतिक वैचारिक एजेंडे का उपकरण बनाया जा रहा है। संगठन ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि RSS से जुड़े व्यक्ति को किस हैसियत और किस नियम के तहत आमंत्रित किया गया, साथ ही भविष्य में सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में किसी भी राजनीतिक या वैचारिक संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को मुख्य वक्ता या मुख्य अतिथि बनाए जाने पर तत्काल रोक लगाई जाए।

इस दौरान एनएसयूआई के कई छात्र नेता मौजूद रहे, जिनमें मोनू तिवारी, गवेश साहू, अंकित बंजारे, सुजीत सुमेर, मनीष बंधे, शेख अरसलान, आलोक खारे, हर्ष शर्मा, यश देवांगन, भोला विश्वकर्मा सहित अन्य शामिल थे।

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