Census 2027 : डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया, दो चरणों में होगी गणना

रायपुर, 13 अप्रैल 2026। राज्य में जनगणना 2027 (Census 2027) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और जनगणना कार्य निदेशक ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में कराई जाएगी और इसे दो चरणों में संपन्न किया जाएगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
Census 2027: अधिकारियों के अनुसार, पहला चरण मकान सूचीकरण और आवास गणना का होगा, जो 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण जनसंख्या गणना के रूप में फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी जुटाई जाएगी।
पहली बार मिलेगा Self Enumeration का विकल्प
Census 2027: इस बार जनगणना को खास बनाता है इसका डिजिटल स्वरूप। नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया गया है, जिसके तहत वे 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे।
स्व-गणना पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक SE ID जारी होगी। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर इस जानकारी का सत्यापन करेंगे।
मोबाइल ऐप से होगा पूरा सर्वे
Census 2027: पहले चरण के दौरान प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर करीब 33 सवाल पूछेंगे। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी और जनगणना अधिनियम 1948 के तहत संपन्न की जाएगी। इस कानून के अनुसार नागरिकों के लिए सही जानकारी देना अनिवार्य है।
क्या-क्या पूछे जाएंगे सवाल?
Census 2027: जनगणना के दौरान कई अहम पहलुओं पर जानकारी ली जाएगी—
मकान से जुड़ी जानकारी
- मकान का उपयोग (रहने, दुकान या अन्य)
- मकान की स्थिति (कच्चा, पक्का, अर्धपक्का)
- स्वामित्व (स्वयं का, किराये का)
- कमरों की संख्या और पर्याप्त स्थान
- छत, दीवार और फर्श का प्रकार
बुनियादी सुविधाएं
- पीने के पानी का स्रोत और उपलब्धता
- शौचालय और उसका प्रकार
- बिजली कनेक्शन
- ईंधन (एलपीजी, लकड़ी, कोयला)
- कचरा निपटान और नहाने की सुविधा
आधुनिक सुविधाएं
- मोबाइल, इंटरनेट/वाई-फाई
- टीवी, फ्रिज
- कंप्यूटर या लैपटॉप
परिवार से जुड़ी जानकारी
- कुल सदस्यों की संख्या
- आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति
- शिक्षा और रोजगार
- आय का स्रोत
सामाजिक-आर्थिक स्थिति
- दिव्यांग सदस्य या गंभीर बीमारी
- सरकारी योजनाओं का लाभ
- बैंक खाता और वाहन की उपलब्धता
क्यों अहम है यह जनगणना?
Census 2027: डिजिटल जनगणना के जरिए डेटा संग्रहण तेज, सटीक और पारदर्शी होगा। इससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नीति निर्माण में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और पूर्ण जानकारी देकर इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में सहयोग करें।



